लहसुन के औषधीय गुण

लहसुन एक चमत्कारी पौधा है जिसका प्रयोग वर्षों से औषधि के रूप में किया जा रहा है. इसमें प्रबल मात्रा में सल्फर पाया जाता है, जिसके कारण इसमें तीखापन होता है. लहसुन में एक अति आवश्यक तत्व एलिसिन होता है, जिसमें बैक्टीरियारोधी, वायरसरोधी, फंगसरोधी तथा अति आक्सीकारक गुण पाया जाता है, जिसकी वजह से इसका उपयोग विभिन्न प्रकार के रोगों के उपचार एवं बचाव के लिये किया जाता है.

1. जीवाणु व वायरसरोधी :- लहसुन में जीवाणुरोधी व वायरस रोधी का प्रमुख गुण पाया जाता है, जिसके कारण से यह जीवाणु, वायरस, कवक, समीर तथा विभिन्न कीटाणुओं से शरीर की सुरक्षा करता है. यह फुड पायजनिंग की स्थिति में भोजन में जहरीले प्रभाव को कम करता है, क्योंकि यह ई. कोली, सालमोनेला इंटेरिटिडिस नामक जीवाणु को मार देता है, जिससे खाद्य पदार्थ की विषाक्त कम हो जाती है.

2. त्वचा संबंधी रोगो के उपचार में :- लहसुन में अजाइन नामक रसायन पाया जाता है, जिसके कारण इसका प्रयोग विभिन्न प्रकार के त्वचा के रोगों के उपचार के लिये करते है, जैसे दाद की बीमारी में.

3. रक्त पतला करने में (ब्लड थिनिंग) :- इसमें एंटीक्लोरिंग गुण पाया जाता है, जो कि शरीर में खून का थक्का जमने से रोकता है इस कारण से यह सर्जरी के बाद रक्त बहने की खतरे को कम करता है.

4. रक्त दाब कम करने में :- जब एंटीओटेंशन -2 नामक प्रोटीन रूधिर वाहिनी नाड़ी में घुसता है तो रक्तदाब बढ़ जाता है. एलिसिन जो कि लहसुन में पाया जाता है एंजीओंरगज की क्रिया को रोक देती है, जिससे रक्तदाब में कमी आती है. लहसुन में पोलीसल्फाइडस होता है जो हमारे शरीर में गैस के रूप् में बदल जाता है, जिसे हाइड्रोजन सल्फाइड कहते है जो कि रक्त के साथ घुलकर रक्तदाब कम करने में मदद करता है.

5. हदय की सुरक्षा :- यह हदय में रक्तसंचार से संबंधित परेशानियां से रक्षा करता है जैसे दिल का दौरा पड़ना, ह्नदय सुरक्षा गुण पाया जाता है, जो रक्त संचार बनाये रखती है, साथ ही यह मुक्त आक्सीजन रेडिकल के हानिकारक प्रभाव से ह्नदय की सुरक्षा करता है. इसमें सल्फर युक्त यौगिक पाया जाता है जो हमारे रूधिर वाहिनी नाड़ी को ब्लाक करने से रोकता है और अरटेरिस को कठोरता प्रदान करता है.

6. कोलेस्ट्राल कम करने में :- लहसुन में यह गुण पाया जाता है कि यह कोलेस्ट्राल को कुछ हद तक कम करने में मदद करता है. प्रतिदिन लहसुन की सेवन करने से यह शरीर के बड़े हुए कोलेस्ट्राल को कम करता है और कोलेस्ट्राल नियंत्रित रहती है. यह धमनी में प्लेग निर्माण को कम करता है.

7. एलर्जी के विरूद्ध :- इसमें विभिन्न प्रकार के सूजन को कम करने का गुण पाया जाता है. इसमें पाए जाने वाले डाइएलित सल्फाईड और थियोक्रमोनान जोड़ो की सूजन को कम करता है.

8. श्वांस संबंधी परेशानी दूर करने में :- प्रतिदिन लहसुन लेने से यह सर्दी को कम करता है, इसमें पाए जाने जीवाणुरोधी गुण गले की उत्तेजना के लिये लाभकारी होता है. यह गले की खरास व गले की अन्य परेशानी को जैसे सूजन इत्यादि को कम करता है.

9. डायबिटिज में :- लहसुन शरीर में इन्सुलिन की मात्रा को बढ़ाता है, जो शरीर की डायबिटिज में रक्त के शुगर स्तर को नियंत्रित करता है.

10. कैंसर प्रतिरोधी :- प्रतिदिन लहसुन का सेवन करने से कैंसर होने की संभावना कम होती है, इसमें पाए जाने वाले ऐलिल सल्फाइड के कारण इसमें कैंसर प्रतिरोधी गुण होता है.

11. आयरण मेटोबोलिज्म में सुधार :- फेटोपारटिन एक प्रकार का प्रोटीन होता है जो आयरन के अवशोषण में आवश्यक होता है और डाएलिज सल्फाइड उत्पन्न करता है. लहसुन में फेटोपारटिन अधिक मात्रा में बनाता है जो कि आयरन को परिवर्तित कर अवशोषित करने में मदद करता है.

12. दांत दर्द में :- दांत दर्द से राहत पाने के लिये लहसुन को कुचलकर दर्द वाले दांतो के नीचे दबाने से दर्द को दूर करता है क्योंकि इसमें जीवाणुरोधी गुण पाया जाता है.

लेख़क

ललित कुमार वर्मा, ओकेश चंद्राकर, सोनू दिवाकर, हेमन्त साहू,

पंडित किशोरी लाल शुक्ला उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र राजनांदगांव (छ.ग.)

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