मानव शरीर का सबसे अहम अंग लिवर को माना जाता है. यह अंग शरीर से हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने, भोजन को पचाने में मदद करने, पोषक तत्वों को प्रोसेस करने और कई जरूरी प्रोटीन बनाने का काम करता है, लेकिन लोग अपनी सेहत का ख्याल ना रखते हुए गलत खान-पान का सेवन करने लगते हैं और लिवर की बीमारी की चपेट में आ जाते हैं. ऐसे में कई लोगों को इस बात की भी जानकारी नहीं होती है कि वह घातक रोग की चपेट में आ चुके हैं. आइए जानें इस बीमारी के क्या है लक्षण?
पेट और पैरों में सूजन
आज के समय में लिवर की बीमारी होना एक आम बात हो गई है, लेकिन कई लोग जब इस घातक बीमारी की चपेट में आते हैं, तो उनको इस बात की बिल्कुल भी जानकारी नहीं होती है कि वह इस रोग से ग्रस्त हो चुके हैं. ऐसे में मरीज इस बीमारी की पहचान पेट और पैरों में सूजन से की जा सकती है. यानी की इस दौरान लिवर की कार्यक्षमता घटने पर शरीर में प्रोटीन की कमी होती है, जिससे पेट (एडिमा या एसाइटिस) और पैरों या टखनों में पानी भरने लगता है.
नाखूनों का सफेद होना
आपके नाखूनों के रंग में बदलाव भी शरीर की सेहत के बारे में कुछ जानकारी दे सकता है. कुछ लोगों में लिवर की गंभीर बीमारी के दौरान नाखूनों का अधिकांश हिस्सा सफेद दिखाई देने लगता है, जबकि नाखून के किनारे पर गुलाबी या लाल रंग का हिस्सा नजर आ सकता है. इसे टेरी नेल्स कहा जाता है. ऐसा बदलाव शरीर में प्रोटीन के स्तर, रक्त संचार या अन्य शारीरिक प्रक्रियाओं में बदलाव से जुड़ा हो सकता है. हालांकि, नाखूनों का सफेद पड़ना खून की कमी, पोषण संबंधी समस्याओं या अन्य बीमारियों के कारण भी हो सकता है. यदि नाखूनों के रंग में लगातार बदलाव हो रहा है, तो इसकी वजह जानने के लिए चिकित्सकीय जांच कराएं.
हथेलियों और पैरों में लगातार खुजली
अगर आपकी हथेलियों और पैरों के तलवों में बार-बार खुजली हो रही है, तो इसे अनदेखा बिल्कुल भी ना करें. यह भी ध्यान देने योग्य लक्षण है. यदि खुजली के साथ त्वचा पर कोई स्पष्ट दाने नहीं हैं और परेशानी रात के समय ज्यादा बढ़ती है, तो कुछ मामलों में इसका संबंध लिवर या पित्त के प्रवाह से जुड़ी समस्या से हो सकता है.
जब पित्त का प्रवाह बाधित होता है, तो शरीर में कुछ पदार्थ जमा होने लगते हैं, जिससे खुजली हो सकती है. हालांकि, त्वचा का सूखापन, एलर्जी और दूसरी बीमारियां भी खुजली की वजह बन सकती हैं. यदि यह समस्या लगातार बनी हुई है, तो डॉक्टर से सलाह लें.
नोट: हथेलियों और नाखूनों में बदलाव लिवर की बीमारी का निश्चित प्रमाण नहीं हैं. समय पर जांच, संतुलित खानपान, शराब से दूरी और डॉक्टर की सलाह का पालन लिवर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है.
लेखक: रवीना सिंह
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