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जानें असली और नकली चावल में कैसे करें फर्क

आजकल बाज़ार में असली चावल के साथ नकली यानी प्लास्टिक का चावल मिलाकर बेचा जाता है. यह नकली चावल असली चावल में इस कदर मिल जाता है कि आप इसके रूप, रंग, आकार और यहां तक कि उसके स्वाद में भी फर्क नहीं कर पाएंगे। चीन से आने वाला यह नकली प्लास्टिक वाला चावल बाजार में दिखने वाले असली चावल की ही तरह दिखाई देता है। इसके अलावा पकने के बाद भी आप प्लास्टिक चावल और नकली चावल में फर्क नहीं कर सकते है।

लेकिन क्या आप जानते है कि नकली चावल को खाने से आप कई गंभीर बीमारियों के शिकार हो सकते है। इसे खाने से आपका पेट भी खराब हो सकता है। एक कटोरी चावल, एक बैग पॉलीथिन के बराबर होता है। सोचिए अगर आप इस प्लास्टिक के चावल को खा लेंगे तो आपकी सेहत का क्या हाल होगा ?

ऐसे करें असली और नकली चावल की पहचान

1. चमकः प्लास्टिक का चावल असली चावल की तुलना में ज्यादा चमकदार होता है।

2. आकारः अगर आप दो तरह के चमकीले चावल को एक साथ मिलाकर देखेंगे तो, तो सारे चावलों की मोटाई और आकार सबकुछ एक जैसा ही दिखाई देगा।

3. वजनः नकली चावल का वजन असली चावल की तुलना में हल्का होता है। इसीलिए तौलने पर नकली चावल की मात्रा काफी ज्यादा होती है।

4. भूसीः नकली चावल बिल्कुल साफ-सुथरा होगा जबकि असली चावल में कहीं ना कहीं धान की भूस तो मिल ही जाएगी।

5. खुशबूः चावल को पकाते समय उसे सूंघ कर देखे। प्लास्टिक के चावल पकते वक्त बिल्कुल प्लास्टिक की तरह ही गंध पैदा करते हैं।

6. कच्चापनः प्लास्टिक का चावल काफी देर तक पकने के बाद भी ठीक तरीके से पक नहीं पाता, वहीं दूसरी ओर असली चावल पूरी तरह से पक जाता है।

7. मांडः जब भी आप नकली चावल को पकाते हैं तो उसके ऊपर सफेद पानी की मांड जम जाती है जबकि असली चावल के साथ ऐसा नहीं होता है।

अगर नकली चावल के मांड को कुछ देर तक धूप में रख दिया जाए तो यह पूरी तरह से प्लास्टिक बन जाता है जिसे आसानी से जलाया भी जा सकता है। इस तरीके से आप नकली और असली दोनों चावल की आसानी से पहचान कर सकते है।

किशन अग्रवाल, कृषि जागरण



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