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अप्रैल-मई की तेज गर्मी से खराब हो सकती है केले की फसल, ऐसे करें लू से बचाव

Kele Ki Kheti: तेज गर्म हवा केले की फसल को नुक्सान पहुंचा सकती है, जिससे पौधों की नमी में कमी भी आ सकती है और पौधे मुरझाकर सूखने लग सकते हैं. ऐसे में इस गर्मी से केले की फसल (Banana Crop) का प्रबंधन करना बेहद जरूरी है.

मोहित नागर
मोहित नागर
अप्रैल-मई की गर्मी से  केले की फसल को खराब होने से बचाए
अप्रैल-मई की गर्मी से केले की फसल को खराब होने से बचाए

Banana Farming: बागवानी करने वाले किसानों के लिए केले की खेती बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. देश के अधिकतर राज्यों में केले का अधिक उत्पादन किया जाता है. पूरे भारत में अल नीनो के प्रभाव से अप्रैल माह में खूब गर्मी पड़ रही है और अगले महीने भी इसका असर देखने को मिलने वाला है, जिससे फसलों को भी काफी नुकसान हो सकता है. तेज गर्म हवा केले की फसल को नुक्सान पहुंचा सकती है, जिससे पौधों की नमी में कमी भी आ सकती है और पौधे मुरझाकर सूखने लग सकते हैं. ऐसे में इस गर्मी से केले की फसल का प्रबंधन करना बेहद जरूरी है.

आइये कृषि जागरण के इस आर्टिकल में जानें गर्मी के मौसम में केले की फसल को खराब होने से कैसे बचाए.

गर्म हवा से गिर सकता है केले का पौधा

अप्रैल और मई में बढ़ता गर्मी का प्रकोप केले की फसल को सूखा सकता है. यदि समय रहते किसान केले की फसल का प्रबंधन नहीं करते हैं, तो इससे उनका लगभग 30 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है. तेज गर्म हवाएं केले के पौधें को गिरा सकती है. ऐसे में किसानों के लिए खेत में नमी बनाए रखना बेहद जरूरी है, जिससे पौधा सूख ना पाएं. फसल को लू यानी गर्म हवा से बचाने के लिए किसानों को दक्षिण-पश्चिम दिशा में नेट लगाने चाहिए और बगीचे के किनारे पर ग्रीन शेड नेट का उपयोग करना चाहिए. इसके अलावा, किसानों को केले के पौधे को ठंठक देने के लिए वायु अवरोधक पेड़ों को लगाना चाहिए.

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गर्म हवा से ऐसे करें बचाव

अप्रैल-मई के महीने में यदि केले के पौधे में फलों का गुच्छा आ जाएं, तो ऐसे में किसानों के लिए खतरा और भी अधिक हो जाता है. केले के बागों में किसानों को कुछ इस तरह प्रबंधन करना चाहिए, जिससे की केले का गुच्छा अप्रैल-मई माह में ना निकले. यदि केले की फसल में गुच्छे आने शुरू हो गए है, तो ऐसे में आप उन्हें ढक दें क्योंकि लू लगने से केले का बंच काला भी पड़ जाता है. इसके अलावा किसान केले की बंच को लू से बचाने के लिए केले की सूखी पत्तियों से भी ढक सकते हैं. किसान इसका गर्म हवा से बचाव पॉली बैग से कवर करके भी कर सकते हैं.

केले के पौधे में बनाए रखे नमी

केले की फसल को गर्मी के मौसम में बचाए रखने के लिए पौधों में नमी बनाए रखना बेहद जरूरी होता है. गर्म मौसम में इसके पौधे से पानी का वाष्पीकरण काफी तेजी होने लगता है. किसानों को  केले के पौधों के थालों में इसकी सूखी पत्तियां रखनी चाहिए या फिर फसल अवशेष का मल्चिंग भी किया जा सकता है, जिससे पौधों में नमी काफी देर तक बनी रह सकती है.

English Summary: banana crop damaged due to high heat of April May loo se kele ki kheti ka bachaav Published on: 17 April 2024, 12:25 IST

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