Interviews

किसानों को सही समय पर उत्तम किस्म के बीज उपलब्ध कराना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य - आर.के.त्रिवेदी

R.K Trivedi

भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि रीढ़ की हड्डी के समान है. जहां कि 60 से 70 प्रतिशत आबादी की प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कृषि व्यवसाय आय की प्रमुख साधनों में से एक है. हमेशा से और आज भी कृषि उत्पादन में बीजों की भूमिका अत्याधिक महत्वपूर्ण रही है. क्योंकि किसी भी खेती का आधार उसके बीज होते हैं. इसलिए उत्तम बीजों के अभाव में हम उन्नत खेती की कल्पना भी नहीं कर सकते है. अत: अच्छी गुणवत्ता वाले बीज से  फसलों का भरपूर उत्पादन प्राप्त होता है. मौजूदा वक्त में विज्ञान काफी आगे बढ़ चुका है. सभी क्षेत्रों में नवाकरण हो रहा है. अन्य क्षेत्रों के भांति ही कृषि क्षेत्र में भी नवाकरण हो रहा है. नतीजतन भारत का खाद्यान्न उत्पादन प्रत्येक वर्ष बढ़ रहा है. भारतीय बीज उद्योग में इस समय क्या कुछ नवोन्मेष हो रहा है, इस बारे में जानने के लिए कृषि जागरण की टीम ने मुलाकात किया नेशनल सीड एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के कार्यकारी निदेशक आर.के. त्रिवेदी जी से तो आइये जानते है उनसे बातचीत के प्रमुख अंश:

NSAI के कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यभार संभालने के बाद, आपके सामने प्रमुख चुनौतियां क्या-क्या है?

नेशनल सीड एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया जोकि एक बहुत बड़ी सीड इंडस्ट्री की संस्था है इसमें काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. इसमें सबसे बड़ी चुनौती हमारी सामने यह है कि हमारे जितने मेंबर्स है उन्हें सही जानकारी सही समय पर मिल सके. जिससे जो सीड बिजनेस है उसमें बढ़ोतरी हो और साथ ही उन्हें सरकार की तरफ से जो भी जानकारी और सूचनाएं है वे समय रहते उन तक उपलब्ध हो सके. हालांकि, इन कार्यों को हम सुचारु रूप से कर रहे है. हमारे आने के बाद हम एक ‘सीड टाइम्स मैगज़ीन को रेगुलर निकाल रहे है. इसके साथ ही हमारे पास एक न्यूज़ बुलेटिन है जिसे एनएसएआई (NSAI) बुलेटिन कहते है वो भी हम लगातार और हर महीने निकल रहे है ताकि हमारे जितने भी मेंबर्स है  उन्हें सूचना मिल सके. इसके अलावा हमारे जितने भी सदस्य है उनका मीटिंग भी समय-समय पर करवा रहे है.

बीज क्षेत्र और उसकी गुणवत्ता को लेकर किसानों के सामने वर्तमान में चुनौतियां क्या हैं?

इसकी सबसे बड़ी समस्या जो है वो बीज की गुणवत्ता स्वयं ही है. बीज के अंदर जो अंकुरण क्षमता है वो पूर्ण होना चाहिए उसके साथ ही बीज के अंदर भंडारण की क्षमता भी होनी चाहिए. इसके अलावा बीज के अंदर किसी भी तरह की बीमारी और खरपतवार का बीज नहीं होना चाहिए. इसके लिए हम यह चाह रहे है कि जितने भी बीज के व्यापारी है वो अपने बीज की गुणवत्ता को बीज परीक्षण प्रयोगशाला से परीक्षण करवाये और जो मानक को मीट कर रही है उन्हीं बीजों को लेबल लगा कर जोकि भारत सरकार द्वारा अनुशंसित है या बताये गये है बेचा जाये. तभी किसान को सही गुणवत्ता वाला बीज मिल पायेगा.

वर्तमान समय में सीड इंडस्ट्री की स्थिति क्या है ?

सीड इंडस्ट्री का भविष्य बहुत उज्जवल है क्योंकि भारत में बीज की मांग बहुत ज्यादा है और अच्छे गुणवत्ता वाले बीजों की मांग कभी समाप्त नहीं होने वाली है. क्योंकि हमारा यह जो सीड रिप्लेसमेंट रेट है वो अभी भी कुछ फसलों में जैसे सेल्फ पॉल्यूटेड क्रॉप है उसमें बहुत कम है तो उसे बढ़ाना है तो इसलिए अभी बस हम जो किसानों को जो बीज चाहिए उसका हम मुश्किल से 50 प्रतिशत ही दे पा रहे है. तो 50 प्रतिशत हमारे पास पूरा स्कोप है जो किसान तक पहुँचाना है. तो इसलिए ये बहुत बड़ा स्कोप है. सिर्फ ये है कि अच्छे बीजों की उपलब्धता होनी चाहिए.

मौजूदा वक्त में सीड इंडस्ट्री को किन - किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है ?

कुछ समस्याएं तो इस तरह है कि जैसे कि सीड ट्रेडर्स को जो लाइसेंस लेना पड़ता है वो हर राज्य में जाकर लेना पड़ता है. उसके बदले अगर एक यूनिफार्म सिस्टम हो जिसमें एक जगह लाइसेंस ले लिया जाये तो बाकि जगहों पर भी उन्हें व्यापार करना आसान हो तो ये बहुत अच्छा रहेगा. इसके साथ ही सरकार की जो भी योजनाएं होगी वो उन्हें पहले से ही पता चल जाये कि इस क्षेत्र में इस बीज में यह सुविधाएं मिल रही है तो इससे उन्हें बीज का व्यापार करने में आसानी होगी. इसके अलावा कुछ राज्य सरकारें सब्सिडी पर बीजों को दे रही है उसमें हम चाहेंगे कि बिना किसी भेदभाव के पब्लिक और प्राइवेट दोनों तरह की सीड कंपनियों को मिले तो यह अच्छा होगा और ये जो सब्सिडी है ये डीबीटी के जरिये डायरेक्ट किसानों के खाते में जाये तो ये बहुत अच्छा होगा.

सीड्स एसोसिएशन, किसानों को बेहतर बीज मिल सके उसके लिए क्या कर रहा है?

सीड्स एसोसिएशन सबसे बड़ा काम यह कर रही है वे अपने मेंबर्स को बीज गुणवत्ता के बारे में लगातार बताती रहती है और साथ ही उन्हें यह भी बताती है कि किस तरह से अच्छी टेक्नोलॉजी के द्वारा बीजों का उत्पादन किया जाये और इस बीज का किस तरह से भंडारण और मार्किटिंग किया जाये. हम अपने बीज मेंबर्स को ये भी बताते है कि आप गुणवत्ता वाले बीजों का उत्पादन कर किसानों तक पहुंचाये और साथ ही जहां पर बीज की कमी है और कहाँ पर बीज उपलब्ध कराना होगा. यह सारी जानकारी हम उन तक पहुंचाते है.

आप कृषि जागरण के मंच से किसानों को क्या संदेश देना चाहेंगे?

मैं किसानों से यहीं कहना चाहूंगा कि भारतीय बीज प्रद्योग किसानों के लिए अच्छा बीज उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है और हमारे सारे मेंबर्स यह चाहते है कि किसानों का उत्पादन अच्छा हो उनकी आय दोगुनी हो और उसमें जितना भी हमारा योगदान होगा अच्छे बीजों के द्वारा हम प्रयास करेंगे कि हम अच्छे से अच्छे बीज किसानों तक ले जाये ताकि उनकी आय दोगुनी हो सके.


Share your comments