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बड़े स्तर पर किसानों को आईटी के माध्यम से कृषि से जोड़ना लक्ष्य - पंकज द्विवेदी

इस दुनिया में आने पर इंसान सिर्फ खाने पर ही निर्भर रहता है| जब एक बच्चा दुनिया में जन्म लेता है तो वो पहले रोता है जब तक की उसको दूध नहीं मिल जाता है| कहने का आशय यह है की पूरी इन्सान प्रजाति सिर्फ और सिर्फ खाने पर निर्भर करती है| लेकिन आज के समय में जिंदगी में जिस तरह से बड़े बदलाव आ रहे है उससे लगातार खाद्य पदार्थों में उत्पादन में कमी होती जा रही है| चिंता का विषय यह है कि इतनी बड़ी जनसँख्या वाले देश में यदि खाद्य पदार्थोंन की पूर्ती पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय भुखमरी जैसे हालात पैदा हो सकते है| इसके लिए जरुरी है फसल उत्पादन को बढ़ावा देनाद्य फसल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों द्वारा सही कृषि तकनीक और उत्पादों का इस्तेमाल करना आवश्यक है| समस्यां यह है कि एक बड़े पैमाने पर किसानों को कृषि के सही उत्पादों और तकनीक और इस्तेमाल की जानकारी नही है| लेकिन इस समस्यां के समाधान के लिए लिए कृषि क्षेत्र की कुछ जानी-मानी कंपनी एग्रोस्टार ने अपने कदम आगे बढाए है जो आधुनिक तरीके से किसानों को कृषि सम्बन्धी जानकारी उपलब्ध करा रहे है| एग्रो स्टार के हेड सेल्स और एग्रोनोमी पंकज द्विवेदी ने किसानों के प्रति अपनी प्रतिबधता और कार्यों को साझा कियाद्य पेश है कुछ मुख्य अंश|



एग्रोस्टार की शुरुआत के पीछे क्या कारण रहा ?

एग्रोस्टार शुरुआत साल 2008 में हुयी| इस कंपनी को एक कृषि तकनीक प्रदाता कंपनी के रूप में स्थापित करने का सोचा इसके पीछे कारण यह रहा कि भारत में देश बहुत कंपनिया है जो कि कृषि से सम्बंधित उत्पादों का उत्पादन करके डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर के चौनल के माध्यम से किसानों को अपने उत्पाद मुहैया करा रही है, तो डीलर और डिस्ट्रीब्युटर नेटवर्क तो देश में बहुत बड़ा हैद्य इसी के जरिए किसानों को कृषि उत्पाद भी मिलता है| लेकिन किसान को उत्पाद तो मिल जाता है परन्तु उनको इसके इस्तेमाल की जानकारी नही मिलती है| लेकिन इस कंपनी से आपको उत्पाद की गुणवत्ता का भरोसा,सर्विस और जानकारी मिलती है| इसलिए हमने तभी सोचा की कुछ ऐसा किया जाए की किसान को एक ही छत के निचे कृषि उत्पाद भी मिले और उनको कृषि की पूरी जानकारी भी मिलेद्य बस यहीं से एग्रोस्टार की शुरुआत हुयी|

आप किसानों को क्या सेवाए प्रदान करते हैं ?

जैसे की तकनीक का इस्तेमाल दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, हमने इसी की तर्ज पर किसानों तक पहुँचने के लिए दो माध्यम का इस्तेमाल किया हमने काल सेंटर की स्थापना की जिसके जरिए किसानों को सीधे तौर पर कृषि की नवीन तकनीकों और उत्पादों की जानकारी मुहैया कराते है यह दो राज्यों महाराष्ट्र के पुणे(सैटेलाईट कॉल सेंटर) और गुजरात के अहमदाबाद में है| पुणे कॉल सेंटर के जरिए हम राजस्थान और महाराष्ट्र के किसानों को जानकरी देते है, जबकि अहमदाबाद सेंटर के जरिए गुजरात के किसानों को सुविधाए प्रदान करते है| दूसरा हम एप के माध्यम से किसानों को कृषि उत्पाद और उनके की जानकारी मुहैया करा रहे हैं| इस एप के माध्यम से किसान फसल में लगने वाली बीमारी, कीड़े और अन्य तरीके की परेशानी का समाधान मौसम सम्बन्धी जानकारी, मंडी भाव और अन्य जानकारी पा सकते हैं| यदि कोई किसान एप को चलाने में असमर्थ है तो वह हमारे टोल फ्री नंबर पर मिसकॉल करके इसके जरिए जानकारी ले सकते है| किसान हमें मिसकॉल करेगा तो हमारे प्रतिनिधि उनको फोन करके पूरी जानकारी उपलब्ध कराते है| हमारे कॉल सेंटर पूरे दिन चलते हैं,यानी यहाँ से किसान किसी भी समय कृषि सम्बन्धी जानकारी जुटा सकते हैं|

आप कैसे किसानों को सही जानकारी उपलब्ध कराते हैं ?

इसके लिए हमारे विशेषज्ञों की टीम है| इसको हम एग्रीकल्चर सेंटर फॉर एक्सेलेंस कहते है, इस टीम में मुख्य रूप से कृषि में पीएचडी, एमएससी एग्री, बीएससी एग्री शामिल हैं| इसके अलावा हमारे पास फील्ड लेवल पर टीम है जो कि किसानों को उनके घर जाकर जानकारी उपलब्ध कराती है| हम जो भी जानकारी किसानों को सटीक जानकारी उपलब्ध करते हैं|

सरकार यह सब बड़े स्तर पर क्यों नही करती ?

सरकार ने बहुत पहले एक्सटेंशन डिपार्टमेंट की शुरुआत की जिसका उद्देश्य यह था कि अधिक से अधिक को कृषि तकनीकों को इसके माध्यम से किसानों तक पहुंचाना था| लेकिन समय के बाद भी सही जानकारी किसानों तक नहीं पहुँच पा रही है| सरकार एग्रोस्टार जैसी कंपनी के साथ टाई-अप करके इसकी तकनीकों को किसानों के लिए इस्तेमाल कर सकती है|

इस मुहीम को और अधिक बढ़ावा देने के लिए आपकी क्या प्लानिंग है ?

जैसा की मैंने बताया अभी हम 3 राज्यों में कार्य कर रहे है, लेकिन इस साल हमने 3 और राज्यों में काम करना शुरू करने की तयारी में है| इन राज्यों में मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, तेलेंगना और आन्ध्र प्रदेश शामिल है| आने वाले 12 से 18 महीनों में हम और अधिक राज्यों में अपना कार्य प्रारभ कर देंगे| हमारा उद्देश्य यही है कि किसानों को कृषि की आधुनिक जानकारी और सही उत्पाद समय पर मिलेद्य इससे किसानों की आय के स्तर को बढाया जा सकता है|

किसानों की आय बढाने के लिए आपका क्या सुझाव है ?

तो मेरा अनुभव कहता है, कि किसानों को यदि अधिक उत्पादन चाहिए तो इसके लिए जरुरी है कि उनको सही जानकारी का होना बहुत आवश्यक है| जैसे कि ड्रिप इरीगेशन सिचाई, फर्टीगेशन, सही कृषि रसायनों, फसलों में होने बीमारी और उनके समाधान के विषय में जानकारी होना आवश्यक है| इसके लिए किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पादों का इस्तेमाल करना चाहिए| इन सबके इस्तेमाल से किसानों की आय में 25 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हो जाती है| मै कहूँगा कि किसान ऐसे लोगो के संपर्क में रहे जो इन सब के विषय में गहन जानकारी रखते है जैसे की कृषि वैज्ञानिक या प्रगतिशील किसान इसके अलावा किसान आधुनिक तरीके जैसे । कॉल सेंटर और एप के जरिए अच्छी जानकारी जुटा सकते है|


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