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National Pension Scheme में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, जल्‍द म‍िलेगी ये बड़ी सुविधा

बुढ़ापा सुरक्षित करने के लिए तरह-तरह की पेंशन योजनाएं तालाशते रहते हैं. ऐसे में पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) की तरफ से घोषणा की गई है क‍ि जल्द ही इस योजना (NPS) के ग्राहकों को फाइनेंशि‍यल ईयर के दौरान चार बार निवेश पैटर्न बदलने की अनुमति देगा. आपको बता दें कि अभी तक इस स्‍कीम के तहत साल में केवल दो बार निवेश पैटर्न बदलने की सहूल‍ियत है.

प्राची वत्स
प्राची वत्स
अब अपने बुढ़ापे को करें सुरक्षित इस योजना के साथ.
अब अपने बुढ़ापे को करें सुरक्षित इस योजना के साथ.

अगर आप नेशनल पेंशन स‍िस्‍टम (NPS) में न‍िवेश करते हैं, तो आपको जल्‍द बड़ी सुव‍िधा म‍िलने जा रही है. जी हाँ लाखों लोग ऐसे हैं, जो अपना बुढ़ापा सुरक्षित करने के लिए तरह-तरह की पेंशन योजनाएं तालाशते रहते हैं.

ऐसे में पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) की तरफ से घोषणा की गई है क‍ि जल्द ही इस योजना (NPS) के ग्राहकों को फाइनेंशि‍यल ईयर के दौरान चार बार निवेश पैटर्न बदलने की अनुमति देगा.आपको बता दें कि अभी तक इस स्‍कीम के तहत साल में केवल दो बार निवेश पैटर्न बदलने की सहूल‍ियत है.

जानिए PFRDA के अध्यक्ष ने क्या कहा?

PFRDA के अध्यक्ष सुप्रतिम बंद्योपाध्याय ने कहा था, 'फिलहाल ग्राहक साल में दो बार निवेश विकल्प को बदल सकते हैं. जल्दी हम ल‍िम‍िट को बढ़ाकर चार बार करने जा रहे हैं. प‍िछले काफी द‍िनों से ग्राहक इस योजना में बदलाव की मांग कर रहे थे. ज‍िसके बाद PFRDA की तरफ से बदलाव का न‍िर्णय ल‍िया गया.

यह म्यूचुअल फंड से अलग है

PFRDA अध्यक्ष ने कहा क‍ि 'पीएफआरडीए चाहता है कि पेंशन फंड बनाने के लिए यह एक दीर्घकालिक निवेश प्रोडक्ट बना रहे और इसे म्यूचुअल फंड योजना की तरह ना माना जाए. लोग कभी-कभी इसे म्यूचुअल फंड के साथ मिलाते हैं. इसे कुछ समय देना होगा और उसके बाद आप केवल इसका उपयोग कर सकते हैं. इसे विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग करें, हम इसे बढ़ाने जा रहे हैं.

कहां और कैसे होता है निवेश 

इस स्कीम की तहत सब्सक्राइबर (Subscriber) अपने निवेश को सरकारी सिक्योरिटी, डेब्ट इंस्ट्रूमेंट, एसेट-समर्थित और ट्रस्ट-स्ट्रक्चर्ड निवेश, शार्ट टर्म डेब्ट इन्वेस्टमेंट और इक्विटी व संबंधित में निवेश कर सकते हैं. हालांकि, ग्राहकों के अलग-अलग सेट के लिए अलग-अलग नियम हैं. उदाहरण के लिए, सरकारी क्षेत्र के कर्मचारियों इक्विटी में ज्यादा निवेश नहीं कर सकते जबकि कॉर्पोरेट क्षेत्र के कर्मचारियों को इक्विटी के लिए एसेट का 75% तक आवंटित करने की अनुमति है.

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क्या है नेशनल पेंशन स्कीम ?

नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) को जनवरी 2004 में सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू किया गया था. लेकिन 2009 में सभी कैटगरी के लोगों के लिए इसे खोल दिया गया. कोई भी व्यक्ति अपने वर्किंग लाइफ के दौरान पेंशन अकाउंट में नियमित रूप से योगदान दे सकता है. जमा हुए फंड के एक हिस्से को वह एक बार में निकाल भी सकता है. वहीँ बची हुई राशि का इस्तेमाल रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन हासिल करने के लिए कर सकता है. व्यक्ति के निवेश और उस पर मिलने वाले रिटर्न से NPS अकाउंट बढ़ता है. NPS में जमा रकम को निवेश करने का जिम्मा PFRDA की ओर से रजिस्टर्ड पेंशन फंड मैनेजर्स को दिया जाता है.

ये आपके निवेश को इक्विटी, गवर्नमेंट सिक्युरिटीज और नॉन गवर्नमेंट सिक्युरिटीज के अलावा फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट में निवेश करते हैं. इसमें कोई भी व्यक्ति नियमित तौर पर एक निश्चित राशि निवेश कर सकता है.

English Summary: This scheme is one of the better schemes of the government, big news about this scheme is going to come soon Published on: 22 January 2022, 04:31 IST

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