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सरकारी योजना : कस्टम हायरिंग सेंटर के जरिये किसानों की सहायता कर कमाएं भारी मुनाफा !

chc farm machinry

केंद्र सरकार ने हाल ही में एक मोबाइल ऐप जारी किया है. इस मोबाइल ऐप के जरिए किसान आसानी से कृषि मशीनरी किराए पर मांगा सकते है. इस ऐप के पीछे केंद्र सरकार की यह मंशा है कि देश के उन किसानों को सही समय पर कृषि मशीनरी उपलब्ध कराया जाएँ जो कृषि मशीनरी खरीदने में सक्षम नहीं है या फिर लघु एवं सीमांत किसान है. गौरतलब है कि इस ऐप के जरिए ओला-उबर की तर्ज पर खेती करने के लिए जिन-जिन उपकरणों की जरुरत होती है उसे कम पैसे में किसानों को दिया जाएगा. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने इस ऐप का नाम सीएचसी फार्म मशीनरी मोबाइल ऐप (CHC Farm Machinery APP) दिया है. सीएचसी फार्म मशीनरी मोबाइल ऐप (CHC Farm Machinery APP) से पहले ट्रैक्टर की बुकिंग से लिए भी एक ऐप जारी किया जा चुका है.

बता दे कि जब ऐप को लॉन्च किया जा रहा था उस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इसके जरिये किसान अपने खेत के 50 किलोमीटर दायरे में उपलब्ध कृषि उपकरण को मंगा सकेंगे. भारत की भाषाई विविधता को देखते हुए ऐप को बहुभाषी बनाया गया है. यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी समेत 12 भाषाओं में उपलब्ध है. तोमर ने कहा कि मंत्रालय ने सभी कृषि मशीनरी कस्टम (Agricultural Machinery Custom ) सेवा प्रदाताओं और किसानों को एक मंच पर लाने के लिए एंड्रायड प्लेटफॉर्म पर मोबाइल फोन ऐप विकसित किया है. कृषि मंत्री ने कहा कि इस मोबाइल एप्लीकेशन पर अभी तक 40 हजार से भी अधिक कस्टम हायरिंग सेंटर (Custom hiring center ) पंजीकृत हो चुके हैं. इनके पास 1.20 लाख से भी अधिक उपकरण उपलब्ध हैं. अगर किसी किसान को कृषि यंत्रों पर छूट के लिए आवेदन करना है, तो वह सीएससी (Common Service Center) पर जाकर आवेदन कर सकता है.

कस्टम हायरिंग सेंटर (Custom Hiring Centre) खोलने पर सब्सिडी

गौरतलब है कि अगर आप कृषि मशीनरी से जुड़ा बिजनेस करना चाहते हैं, तो कस्टम हायरिंग सेंटर (Custom Hiring Centre) योजना से जुड़कर हर साल लाखों रुपये की कमाई कर सकते हैं. इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 80 फीसद तक की सरकारी आर्थिक सहायता मिलेगी. इसे हम आम शब्दों में कृषि यंत्र बैंक भी कह सकते हैं. सीएचसी फार्म मशीनरी ऐप (CHC Farm Machinery App ) बिल्कुल ओला (Ola) और उबर (Uber) ऐप की तरह है. मशीनरी का दाम सरकार तय नहीं करेगी. यह सुविधा 5 से 50 किलोमीटर के बीच मिलेगी. सरकार ने इसे कंपटीशन के लिए छोड़ दिया है. ताकि मार्केट में कंपटीशन बना रहेगा तो किसान को सस्ती और अच्छी सेवा मिलेगी. यदि आपके पास एक भी कृषि यंत्र है तो भी आप उसे किराये पर देने के लिए ऐप में पंजीकरण करवा सकते हैं. इसके साथ ही किसान साइबर कैफे आदि से भी आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए किसान को एग्री मशीनरी.इन (agrimachinery.in )पोर्टल पर आवेदन करना होगा. यह ऐप गूगल प्ले से डाउनलोड किया जा सकता है.

कार या टैक्सी की तर्ज पर कृषि कार्य के लिए किसान बुक करें सकेंगे ट्रैक्टर


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