1. खेती-बाड़ी

जून-जुलाई में करें फूल गोभी की इन उन्नत किस्मों की बुवाई, जो सितंबर, अक्टूबर तक हो जाएंगी तैयार

कंचन मौर्य
कंचन मौर्य
Cauliflower Cultivation

Cauliflower Cultivation

हमारे देश में कई सब्जियों की खेती व्यापक तौर पर होती है. इसमें फूल गोभी (Cauliflower) भी एक महत्वपूर्ण फसल है. आम तौर पर फूल गोभी  (Cauliflower) की सब्जी सर्दी के मौसम में मिलती है, लेकिन आज के समय में कई ऐसी उन्नत किस्में आ गई हैं, जिनकी खेती कर अन्य सीजन में भी फूल गोभी की फसल  (Cauliflower Crop) ली जा सकती है.

जब सर्दियों की शुरुआत में फूल गोभी  (Cauliflower) की सब्जी आती है, तब इसकी कीमत ज्यादा होती है, लेकिन आवक बढ़ते ही कीमत कम होने लगती है. इससे किसानों को कुछ दिन तक ही लाभ मिलता है. कई बार फूल गोभी  (Cauliflower) की कीमत इतनी गिर जाती है कि किसान खेती की लागत भी नहीं निकल पाते हैं. इस कारण किसान फसल नष्ट भी करने लगते हैं. मगर अब कृषि वैज्ञानिकों ने कई उन्नत किस्मों को तैयार कर दिया है. इन किस्मों की बुवाई से फूल गोभी की खेती जून-जुलाई में कर सकते हैं. इस समय बाजार में फूल गोभी  (Cauliflower) नहीं मिलती है, इसलिए किसानों को अधिक कमाई करने का एक बेहतर मौका मिल जाएगा.

इन किस्मों का करें चुनाव (Choose these varieties)

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पूसा नई दिल्ली (Indian Council of Agricultural Research, Pusa New Delhi) द्वारा कई किस्मों की बुवाई करने की सलाह दी गई है, जिन किस्मों की बुवाई जून-जुलाई के महीने में की जा सकती है. यह सितंबर, अक्टूबर तक तैयार हो जाती है. इसके लिए उन्नत किस्मों में पूसा अश्विनी, पूसा मेघना, पूसा कार्तिक, पूसा कार्तिक संकर हैं. बता दें कि फलू गोभी की इन किस्मों को अगेती कहा जाता है.

किस्मों की बुवाई के लिए जरूरी बातें (Important things for sowing varieties)

  • खेत जलभराव वाला नहीं होना चाहिए.

  • खेत में कीड़े और दीमक की समस्या नहीं होनी चाहिए.

  • खेत उपचारित करना जरूरी है.

पूरी तैयारी के साथ करें खेती (Do farming with full preparation)

  • सबसे पहले खेत को उपचारित करने की विधि को पूरा करना होगा.

  • इसके लिए 3 प्रतिशत केप्टान का घोल बनाकर डाल दें.

  • अगर जैविक खेती कर रहे हैं, तो किसान 100 किलो गोबर की खाद में एक किलो टाइकोडर्मा मिलाकर 7 से 8 दिन रखकर खेत में डाल दें.

  • इसके बाद जुताई कर दें.

बुवाई का तरीका (Sowing Method)

खेत में 3 से 5 मीटर लंबी और 45 सेंटी मीटर से लेकर के एक मीटर चौड़ी बेड़ बना लें. यह निराई और सिंचाई के लिए अच्छा होता है.

फसल प्रबंधन (Crop Management)

अगेती फूल गोभी की पौध 40 से 45 दिन में तैयार होती है, इसलिए इसकी देखरेख करना जरूरी होता है. इसके साथ ही समय पर निराई करना जरूरी है. अगर कीट या रोग लगता है, तो दवा का छिड़काव जरूर करें.

बता दें कि किसानों के लिए अगेती फूल गोभी की किस्मों की बुवाई करना लाभकारी है, क्योंकि इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी. इस तरह किसान भाई फूल गोभी की खेती कर ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं.

English Summary: sowing early varieties of cauliflower in june-july

Like this article?

Hey! I am कंचन मौर्य. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News