1. खेती-बाड़ी

परवल की उन्नत तरीके से खेती करने का तरीका और फसल प्रबंधन

मनीशा शर्मा
मनीशा शर्मा
pawalk

Parwal

परवल सब्जी की एक कद्दूवर्गिया फसल है. यह बहुवर्षीय पौध है. जिसके नर तथा मादा फूल अलग -अलग पौधे पर आते है. इसकी खेती कर कृषक अधिक लाभ अर्जित कर सकते है. इसका का उपयोग सब्जी के रूप में किया जाता है. आमतौर पर परवल की खेती वर्ष भर की जाती है. ये बिहार, पश्चिम बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य तौर पर उगाई जाती है और राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, असम और महाराष्ट में उगाई जाती है. परवल में विटामिन भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसकी मांग भी बाजार में अधिक है. ऐसे में आइए जानते है आधुनिक तरिके से परवल की खेती करने का तरीका - 

पौध रोपण 

पौध रोपण के समय ध्यान रहे की मादा पौधे एवं नर पौधे का अनुपात 9:1 हो.

पौध रोपण की दूरी 

कतार से कतार की दूरी 1 मीटर एवं  पौधे से पौधे की दूरी  50 से.मी रखी जाए.

खाद एवं उर्वरक 

0.5 टन सड़ी गोबर की खाद या कम्पोस्ट 70 कि.ग्रा डाई अमोनियम फॉस्फेट तथा 32 कि.ग्रा. पोटाशियम सल्फेट प्रति एकड़ की दर से भूमि में मिला दें. तत्पश्चात 20 यूरिया रोपण के 20 -25 दिन के अंतराल पर दो बार टाप ड्रेसिंग करें एवं 32 कि.ग्रा पोटाशियम सल्फेट की टाप ड्रेसिंग रोपण के तीन माह बाद करें.

ट्रेनिंग 

परवल की  लताओं को मांडव बनाकर चढ़ाने से फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन बढ़ जाता है, अत: परवल की खेती मांडव पद्द्ति से ही करनी चाहिए.

निराई - गुड़ाई 

फसल के सम्पूर्ण जीवन चक्र में प्रक्षेत्र खरपतवार रहित होना चाहिए फसल की प्रारम्भिक अवस्था में ही मिट्टी चढ़ाने का कार्य पूर्ण कर लेना चाहिए.

सिंचाई 

परवल की फसल में शरद ऋतु में 8 - 10 दिन एवं ग्रीष्म ऋतु में 4 - 5  दिन के अंतराल पर हल्की सिंचाई आवश्यक है.

फसल सुरक्षा

कीट नियंत्रण      

(1) लाल कटू बीटल

इस कीट का प्रकोप फरवरी से अप्रैल के मध्य होता है. नियंत्रण हेतु कार्बोरिल 01 मि.ली./ पानी की दर से छिड़काव करें।

(2) ब्लिस्टर बीटल

यह कीट के नियंत्रण हेतु क्यूनाल फास या मैथाइल पैराथियान या फॉस्फरॉमिडान  1 मि.ली / ली. पानी की दर से छिड़काव करें.

रोग व्याधि नियंत्रण

पत्तियों का झुलसा 

1.5 ग्राम / ली. पानी की दर से कार्बेन्डाजिम का छिड़काव 10 दिन के अंतराल पर करें.

तुड़ाई

पौधा रोपण के 3 -4  माह पश्चात तुड़ाई का कार्य प्रारंभ  हो जाता है.

उपज

परवल की औसत उपज 50 से 60 कु. प्रति एकड़ है.

English Summary: Perform advanced cultivation of parwal with this method

Like this article?

Hey! I am मनीशा शर्मा. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News