1. खेती-बाड़ी

Monsoon 2020: मानसून की बारिश से बढ़ेगा खरीफ फसलों का रकबा, किसानों को मिलेगी बंपर पैदावार

कंचन मौर्य
कंचन मौर्य

देश के कई राज्यों में मानसून दस्तक दे चुका है. इससे किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई करने में काफी मदद मिल पाएगी. इसके साथ ही फसलों का रकबा भी बढ़ सकता है. मानसून के दस्तक देने के बाद किसान अपने खेतों को लेकर काफी सक्रिय हो गए हैं. कई किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई करने की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं.

आपको बता दें कि मानसून की बारिश धान, मक्का, सोयाबीन, अरहर और उर्द समेत कई सब्जियों की फसलों के लिए लाभकारी मानी जाती है. साफ शब्दों में कहा जाए, तो खरीफ की फसल मानसून पर निर्भर होती है. जून महीने के अंतिम दिनों में मानसून ज्यादा सक्रिय होता है. इसके सक्रिय होने से पहले यानी जून के पहले सप्ताह में प्री मानसून होता है. इससे किसानों को अपने खेत तैयार करने का समय मिल जाता है.

आधुनिक समय में किसान ने हल और बैल की जगह ट्रैक्टर से जुताई करना शुरू कर दिया है. समय के साथ खेती का बैलों का रिश्ता अब कुछ खास नहीं दिखता. पहले के समय में खेती में बैलों का उपयोग करते थे, लेकिन बदलते दौर में बैलों का उपयोग काफी कम हो गया है. ऐसा प्री मानसून की वजह से मुमकिन हो पाया है. मानसून की बारिश की वजह से किसानों के लिए खेत की जुताई करना आसान हो गया है. जब तक मानसून सक्रिय होता है, तब तक फसलों की बुवाई हो जाती है फिर बारिश होने से फसल की पैदावार अच्छी मिलती है.

ये खबर भी पढ़ें: भैंस पालन में इन 5 बातों पर दें खास ध्यान, मिलेगा बेहतर दूध उत्पादन

धान, अरहर, सोयाबीन, उर्द की फसल को मिलेगा लाभ

खरीफ सीजन में कई फसलों को प्रमुख माना जाता है. इसमें धान, अरहर, सोयाबीन, उर्द मूंग आदि शामिल है. इन फसलों की बुवाई जून माह के अंत से लेकर 15 जुलाई तक चलती है. इस बीच मानसून की बारिश के होने से फसलों को अच्छा लाभ मिलता है.

ये खबर भी पढ़ें: सिंचाई की इस तकनीक को अपनाकर किसान ने बेकार पड़ी 4 एकड़ खेत में उगाई सब्जियां, मिल सकता है 25 लाख का इनाम

English Summary: Monsoon 2020 rains will benefit kharif crops

Like this article?

Hey! I am कंचन मौर्य. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News