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गेहूं की कुदरत-9 किस्म से मिलेगा प्रति एकड़ 30 क्विंटल का उत्पादन, पढ़िए बुवाई का पूरा तरीका

किसानों के लिए रबी सीजन (Rabi Season) की मुख्य फसल गेहूं है, इसलिए इसकी खेती सबसे अधिक क्षेत्र में की जाती हैं. किसान गेहूं की उत्पादकता बढ़ाने के लिए कई प्रयास करते हैं, ताकि फसल से अधिक उपज प्राप्त की जा सके.

कंचन मौर्य
wheat
Wheat

किसानों के लिए रबी सीजन (Rabi Season) की मुख्य फसल गेहूं है, इसलिए इसकी खेती सबसे अधिक क्षेत्र में की जाती हैं. किसान गेहूं की उत्पादकता बढ़ाने के लिए कई प्रयास करते हैं, ताकि फसल से अधिक उपज प्राप्त की जा सके. 

इसके लिए भारतीय कृषि वैज्ञानिकों द्वारा कई गेहूं की किस्में भी विकसित की गई हैं, जिनको अलग-अलग क्षेत्रों में उनकी जलवायु और मिट्टी के अनुरूप तैयार किया गया है. इसमें गेहूं की कुदरत-9 किस्म भी शामिल है, जिससे अब भारत सरकार ने रजिस्टर्ड भी कर लिया है. आज हम आपको इस लेख में गेहूं की कुदरत-9 किस्म की बुवाई संबंधी जानकारी देने वाले हैं.

गेहूं की कुदरत-9 किस्म (Kudrat-9 Variety of Wheat)

इस किस्म को किसान प्रकाश सिंह रघुवंशी वाराणसी (कुदरत कृषि शोध संस्थान) ने विकसित किया है.  इसका ट्रायल जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर में किया गया था. इसके सफल परीक्षण के बाद रजिस्टर्ड भी कर लिया गया है.

कुदरत-9 किस्म की खासियत (Characteristics of Kudrat-9 Variety)

इस किस्म की खासियत है कि इसके पौधों की लंबाई 85 सेमी होती है. इसका पौधा अन्य किस्मों की तुलना में छोटा होता है, इसलिए तेज हवा और ओलावृष्टि का असर नहीं पड़ता है. यानी यह एक बौनी किस्म का पौधा है. इसके बाल की लंबाई 9 से 10 इंच होती है. वैज्ञानिकों का कहना है

कुदरत-9 किस्म की बुवाई का समय (Kudrat-9 Variety Sowing Time)

किसानों को गेहूं की इस किस्म की बुवाई 25 अक्टूबर से 25 दिसंबर तक कर देनी चाहिए.

बीज की मात्रा (Seed quantity)

इस किस्म की बीज बुवाई में 40 किलोग्राम प्रति एकड़ बीज लगेगा.

मिट्टी का चुनाव (Soil selection)

इस किस्म की बुवाई सभी प्रकार की मिट्टी की जा सकती है, लेकिन दोमट से भारी दोमट मिट्‌टी में उपयुक्त मानी जाती है. अगर जल निकास की सुविधा अच्छी है, तो मटियार दोमट और काली मिट्टी भी उपयुक्त रहती है. गेहूं की खेती काली मिट्टी में करने पर सिंचाई की जरूरत कम पड़ती है. इसके अलावा भूमि का पीएच मान 5 से 7.5 के बीच में होना चाहिए.

खेत की तैयारी (Farm preparation)

अगर खेती की मिट्टी भुरभुरी होगी, तो अंकुरण अच्छी तरह होगा. किसानों को खरीफ की फसल काटने के बाद खेत की पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से करनी चाहिए, ताकि फसल के अवशेष और खरपतवार मिट्टी मे दबकर सड़ जाए. इसके बाद 2 से 3 जुताई देशी हल-बखर या कल्टीवेटर से करनी चाहिए. ध्यान रहे कि हर जुताई के बाद पाटा देकर खेत समतल बना लें.

कुदरत-9 किस्म से उत्पादन (Production from Kudrat-9 variety)

अगर किसान को इस किस्म की बुवाई कर फसल की अच्छी तरह देखभाल करते हैं, तो फसल का अच्छा उत्पादन प्राप्त हो सकता है. इससे किसानों को प्रति एकड़ लगभग 30 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त हो सकता है.

​यहां मिलेगा नि:शुल्क बीज (Get free seeds here)

गेहूं की कुदरत 9 किस्म के बीज निशुल्क प्राप्त करने के लिए आप 9839253974 पर WhatsApp पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अपने क्षेत्र के कृषि विभाग, निजी कंपनियों या किसान प्रकाशसिंह रघुवंशी वाराणसी (कुदरत कृषि शोध संस्थान) से संपर्क कर सकते हैं. 

English Summary: kudrat-9 variety of wheat will produce 30 quintals per acre Published on: 06 October 2020, 12:35 PM IST

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