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कीवी की खेती है मुनाफे का सौदा, पढ़िए इसकी पूरी जानकारी

किसान ज्यादातर पारंपरिक खेती में विश्वास रखते हैं, लेकिन बदलते वक़्त और बाज़ार में विदेशी सब्जी और फलों की बढ़ती मांग को देख किसानों ने नई-नई फसलों की खेती को अपनाना शुरू कर दिया है. इनमें से कुछ ऐसे फल भी पाए जाते हैं, जिनकी मांग भारत में होने की वजह से उन्हें विदेश से आयात किया जाता है.

स्वाति राव

किसान ज्यादातर पारंपरिक खेती में विश्वास रखते हैं, लेकिन बदलते वक़्त और बाज़ार में विदेशी सब्जी और फलों की बढ़ती मांग को देख किसानों ने नई-नई फसलों की खेती को अपनाना शुरू कर दिया है. इनमें से कुछ ऐसे फल भी पाए जाते हैं, जिनकी मांग भारत में होने की वजह से उन्हें विदेश से आयात किया जाता है. इन्हीं फलों में से एक कीवी फल है. कीवी फल मूलरूप रूप से चीन का फल है, जिसे चीनी करौदा भी कहा जाता है.

यह फल आकार में छोटा और स्वाद में मीठा और तीखा होने के साथ–साथ बहुत सारे पोषक तत्वों से भरा होता है और इस प्रकार यह फल कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान भी करता है.

भारत में कीवी ज्यादातर जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और केरल राज्य में उगाई जाती है. कीवी की खेती से (Kiwi Farming) किसान की मोटी कमाई भी हो रही है. पहले भारत में यह फ्रूट न्यूजीलैंड से मंगवाया जाता था, लेकिन अब भारतीय किसानों ने किवी की खेती करना आरंभ कर दिया है, जिससे भारत को इस फ्रूट के लिए अन्य देश पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है. आइये जानते हैं कीवी की खेती जानकारी.

मिट्टी की आवश्यकता और जलवायु (Soil Requirement And Climate)

कीवी फल को गर्म और आर्द्र वातावरण में उगाया जा सकता है. कीवी की खेती के लिए पीली-भूरी दोमट मिट्टी उपयुक्त मानी जाती है. इसके लिए मिट्टी का Ph मान 5-6 Ph होना चाहिए.

भूमि की तैयारी (Land Preparation)

वृक्षारोपण (Tree Planting)

कीवी के पौधों को बीज/बीज ग्राफ्टिंग द्वारा वृक्षारोपण किया जा सकता है और वृक्षारोपण आमतौर पर जनवरी के महीने में किया जाता है. वृक्षारोपण के लिए लाइन से लाइन की दूरी 3 मीटर व लाइन में पौधे से पौधे के बीच 6 मीटर की दूरी होनी चाहिए.

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उर्वरक आवश्यकताएं (Fertilizer Requirements)

कीवी फसल की अच्छी वृद्धि के लिए हर साल 20 किलो खेत की खाद और 0.5 किलो एनपीके मिश्रण जिसमें 15% नाइट्रोजन की मात्रा हो. 5 साल के बाद, हर साल 850-900 ग्राम नाइट्रोजन, 500-600 ग्राम फॉस्फोरस और 800-900 ग्राम पोटेशियम के रूप खाद और एनपीके का समान मात्रा में करें.

सिंचाई (Irrigation)

सिंचाई सितंबर-अक्टूबर महीने में करनी चाहिए, जब फल उगने की प्रारंभिक अवस्था में हो. पौधों और फलों के अच्छे विकास के लिए 10-15 दिनों के अंतराल में सिंचाई करना लाभकारी होता है.

फसल कटाई (Harvesting)

कीवी के पौधे 4-5 साल बाद फल देने लगते हैं, लेकिन व्यावसायिक उत्पादन 6-7 साल बाद शुरू होता है. बड़े फलों को पहले काटा जाता है, और छोटे फलों को लंबे समय तक बढ़ने दिया जाता है. कठोर फलों को मोटे कपड़े में लपेटकर बाजार ले जाया जाता है, जहां वे नरम हो जाते हैं. कुछ दिनों के बाद यानि 1-2 सप्ताह में खाने योग्य हो जाते हैं.

English Summary: kiwi cultivation is a profitable deal for farmers, know complete information about farming Published on: 15 January 2022, 11:51 AM IST

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