1. खेती-बाड़ी

छत्तीसगढ़ के इस जिले में बिना मिट्टी के उग रहे हैं फूल

किशन
किशन

यह सुनने में कुछ अजीब सा लगे लेकिन यह बात सच है कि छत्तीसगढ़ में छत पर किसान बिना मिट्टी के फूल उगाने का कार्य कर रहे है. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में किसानों के एक संगठन एग्रीकॉन ने घर की छत पर बिना मिट्टी के सब्जी और फूल पैदावार करने के लिए हाइड्रोपोनिक सिस्टम को विकसित किया है. इस तकनीक का फायदा है कि इसके सहारे सालभर फूलों के साथ अन्य सब्जियों को बिना मिट्टी के छत पर ही आसानी से उगा सकते हैं. ये तरीका पूरी तरह से जैविक है और इसका सबसे बड़ा फायदा है कि इस तरीके में पानी की खपत भी काफी कम होती है. किसान संगठन पूरी मेहनत से कार्य करने में लगा हुआ है और लोगों के बीच इस तरह की फूल-सब्जियों की खेती को सामने ला रहा है.

मिट्टी की तुलना में ज्यादा पैदावार

इस तरह के सेटअप को दो महीने में सभी संगठन के लोगों की मदद के सहारे तैयार किया गया है. यह हाइड्रोपोनिक तकनीक मिट्टी की तुलना में 75 फीसदी ज्यादा पैदावार करने का कार्य करता है. इसमें पौधे और पानी के लिए जरूरी होने वाले पोषक तत्वों को ही मिलाने का कार्य किया जाता है. इससे पौधे की उपज काफी अच्छी होती है, हालांकि पौधे को पहले कोकोपिठ में उगाने का कार्य किया जाता है. पूरी तरह से सेटअप करने पर 40 से 50 हजार रूपये की लागत आती है. सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक बार पौध लगने के बाद इसका एक लंबे समय तक उपयोग किया जा सकता है.

बस्तर में हो रही है ऑर्गेनिक खेती

फिलहाल वर्तमान में छत्तीसगढ़ के रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर समेत प्रदेशभर के अलग-अलग जिलों के 1100 किसान इससे जुड़े हुए है. बस्तर में काजू और रायपुर, बिलासपुर में जैविक खेती करके उसकी ब्रिकी की जा रही है. राज्य में अब धीरे-धीरे घर की छ्तों पर जैविक खेती की ओर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है. यहां पर 15 बाई 10 साइज की 11 पाइप के सहारे पूरा सेटअप बनाया गया है जिसके सहारे इस तकनीक को और बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. हाइड्रोपोनिक तकनीक के सहारे बिना मिट्टी के खेती करना बेहद ही आसान होता जा रहा है और किसान ज्यादा से ज्यादा इस पर ध्यान देने लगे हुए है.

English Summary: In this district of Chhattisgarh the flower is growing without soil

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