उत्तर भारत में एक बार फिर कड़ाके की ठंड लौटने वाली है. पिछले कुछ दिनों से मौसम में आई हल्की नरमी अब खत्म होने जा रही है, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता फिर से बढ़ गई है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के मुताबिक, 21 जनवरी की रात से एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ प्रभाव दिखाना शुरू करेगा, जिसका असर 22 जनवरी से साफ नजर आएगा. इसके बाद 26 से 28 जनवरी के बीच एक और ज्यादा ताकतवर सिस्टम उत्तर भारत को प्रभावित कर सकता है. इसका सीधा असर पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश, तेज हवाओं और तापमान में गिरावट के रूप में देखने को मिलेगा.
यूपी, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा समेत कई राज्यों में मौसम बिगड़ने के संकेत हैं. ठंड, कोहरा और बारिश के इस नए दौर से जनजीवन पर व्यापक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है.
पश्चिमी विक्षोभ से क्यों बदलता है मौसम?
पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर क्षेत्र से उठने वाले ऐसे सिस्टम होते हैं, जो सर्दियों में उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करते हैं. जब ये सिस्टम कमजोर होते हैं, तो दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलती है, जैसा कि हाल के दिनों में हुआ. लेकिन अब लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, जिससे बादल, नमी और ठंडी हवाओं का असर बढ़ेगा. इसका नतीजा बारिश, बर्फबारी और ठंड के रूप में सामने आएगा.
पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी का अलर्ट
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 22 से 26 जनवरी के बीच व्यापक बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार,
-
22 और 23 जनवरी को कश्मीर घाटी में भारी हिमपात हो सकता है.
-
23 जनवरी को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में तेज बर्फबारी की आशंका है.
इस दौरान गुलमर्ग, मनाली, शिमला जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल बर्फ की सफेद चादर में ढक सकते हैं. भारी बर्फबारी से जहां पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है, वहीं सड़क यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने का भी खतरा है.
तापमान माइनस में, झरने तक जम गए
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड का असर बेहद तीखा है. पिथौरागढ़ जिले के कैलाश और केदारनाथ क्षेत्र में तापमान माइनस 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. कई इलाकों में झरने और जलस्रोत जम गए हैं. मौसम विभाग ने पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी को लेकर अलर्ट जारी किया है और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
मैदानी इलाकों में बारिश और तेज हवाएं
पश्चिमी विक्षोभ का असर सिर्फ पहाड़ों तक सीमित नहीं रहेगा. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में 22 से 24 जनवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
-
गरज-चमक के साथ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.
-
23 जनवरी को दिल्ली में हल्की बारिश के साथ तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है.
-
न्यूनतम तापमान 6 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है.
बारिश के बाद उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं चलने से ठंड और बढ़ सकती है.
यूपी और बिहार में ठंड व कोहरे का कहर
उत्तर प्रदेश और बिहार में पहले से ही ठंड और कोहरे का असर देखा जा रहा है. बिहार के कई जिलों, खासकर औरंगाबाद समेत आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है. कोहरे की वजह से दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ है.
-
कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं.
-
सुबह और रात के समय ठंड का प्रकोप ज्यादा महसूस किया जा रहा है.
यूपी के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में 23 जनवरी से तेज हवाओं के साथ मौसम बदलने की संभावना जताई गई है.
बारिश से प्रदूषण में राहत, लेकिन बढ़ेगी ठंड
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बारिश से हवा में मौजूद प्रदूषक कणों में कमी आएगी, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार होगा. हालांकि बारिश के बाद जब उत्तर-पश्चिम दिशा से ठंडी हवाएं चलेंगी, तो तापमान में फिर से तेज गिरावट हो सकती है. यानी बारिश और बर्फबारी के बाद ठंड का एक और कड़ाका दौर लौट सकता है, जो पिछले सप्ताह जैसी तीव्रता वाला हो सकता है.
किसानों और यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने किसानों, यात्रियों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
-
पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें.
-
ठंड और कोहरे को देखते हुए वाहन सावधानी से चलाएं.
-
किसानों को बारिश और ठंड से फसलों को होने वाले संभावित नुकसान को ध्यान में रखकर जरूरी उपाय करने की सलाह दी गई है.
Share your comments