देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और आगामी सात दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है. भारतीय मौसम विभाग IMD के अनुसार 15 से 21 जुलाई के बीच उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर, पश्चिमी तटीय क्षेत्रों और दक्षिण भारत के कई राज्यों में हल्की से लेकर भारी एवं बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है. कई स्थानों पर आंधी, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की मौसम विभाग ने संभावना जताई है.
उत्तर भारत में भारी बारिश का दौर रहेगा जारी
मौसम विभाग IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अगले कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा. मौसम विभाग का अनुमान है कि 18 से 21 जुलाई के दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ सकती हैं.
वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17 से 21 जुलाई तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 से 21 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है. वहीं पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में भी 20 और 21 जुलाई को तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है.
मध्य भारत में गरज-चमक के साथ तेज बारिश
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय रहेगा. पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है. मौसम विभाग IMD के अनुसार छत्तीसगढ़ में शुरुआती दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 और 19 जुलाई के दौरान भारी वर्षा का अनुमान है. किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.
बिहार, झारखंड और ओडिशा में बढ़ेगी बारिश की तीव्रता
पूर्वी भारत के राज्यों बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में अगले सप्ताह बारिश का असर अधिक देखने को मिलेगा. IMD की तेतावनी है कि बिहार में 17 से 20 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी लगातार बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं ओडिशा में शुरुआती दो दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी और कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है.
पूर्वोत्तर भारत में सबसे ज्यादा सक्रिय रहेगा मानसून
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले सात दिनों तक व्यापक बारिश जारी रहने की संभावना है. IMD के अनुसार असम और मेघालय में 16 से 21 जुलाई के बीच भारी बारिश हो सकती है, जबकि अरुणाचल प्रदेश में 17 से 21 जुलाई तक कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में भी बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
पश्चिमी भारत में कोंकण-गोवा और महाराष्ट्र पर मानसून मेहरबान
मौसम विभाग का अनुमान है कि कोंकण और गोवा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश होने की संभावना है. गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी.
वहीं, IMD के अनुसार कोंकण और गोवा के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है, जबकि मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है.
दक्षिण भारत में भी कई राज्यों के लिए अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और लक्षद्वीप में भी मानसून सक्रिय रहेगा और तटीय कर्नाटक, केरल में 17 से 21 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश का अनुमान है.
इसके अलावा, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में गरज-चमक, बिजली गिरने तथा 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
लेखक: रवीना सिंह
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