1. सफल किसान

पहली बार शुरू की स्ट्रॉबेरी की खेती और कमाया खूब लाभ...

हरिहरगंज थाना क्षेत्र में एनएच किनारे कउवाखोह गांव स्थित है। यहां पहली बार स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की गई है। यह संबधित किसानों के लिए लाभ सहित सफल व्यवसाय साबित हो रहा है। वहीं इस व्यवसाय से दर्जनों मजदूरों को रोजगार भी मिला।

यहां से उपज की गई स्ट्राबेरी (फल) को ढाई सौ रुपये प्रति किलोग्राम की दर से रोजाना कलकता, पटना, रांची के बाजार में बिक्री के लिए भेजना भी शुरू कर दिया गया है। सरसोत गांव में गत 24 जनवरी को प्रशासन आपके द्वार कार्यक्रम में डीसी ने इस व्यवसाय को पनपते देख सराहना ही नहीं, बल्कि किसानों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। इसी गांव में पिरोजी गांव निवासी राजकुमार मेहता अन्य किसानों के साथ मिलकर लीज की पांच एकड़ भूमि में इसकी खेती शुरू की।

इसकी बिक्री किये जाने पर नगद व तत्काल भुगतान मिलने से क्षेत्र में अन्य किसानों द्वारा बड़े पैमाने पर खेती शुरू किये जाने की आस जगी है। वर्तमान में इसकी उपज करीब दो क्विंटल है। किसानों के अनुसार इसका पौधा लगाने का उपयुक्त समय सितंबर-अक्तूबर माह है। जो ऑर्डर देकर पुणे से मंगाये जाते हैं। पौधारोपण उपरांत दो माह के बाद फल निकलना शुरु हो जाता है। इसके बाद मार्च में सीजन खत्म हो जाता है।

जानकारों के अनुसार स्ट्रॉबेरी के रोजाना सेवन करने से एनेमिया, डायबिटिज, कब्जियत सहित कई बीमारियों से निजात मिलती है। वहीं केक, जेली, आसक्रीम एवं सौंदर्य प्रसाधनो में भी उपयोग किया जाता है। दर्जनों लोग एनएच पर वाहन रोककर इसे खरीदते हैं। स्थानीय किसान रामजनम मेहता, विजय मिश्र, पारसनाथ सिंह सहित कई किसानों ने बताया की इस वर्ष वे भी इसकी खेती शुरू करेंगे।

English Summary: The first strawberry farming and earn a lot of profits ...

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