1. ग्रामीण उद्द्योग

बैटरी वाटर बनाने पर सरकार दे रही 90 प्रतिशत अनुदान, सिर्फ 50 हजार की लागत में शुरू करें

सिप्पू कुमार
सिप्पू कुमार

बैटरी वाटर

पिछले एक दशकों में लगभग हर राज्य में ग्रामीणों की जीवनशैली बहुत अधिक बदली है. गांव-कस्बों में भी बिजली पहुंच चुकी है और ऊर्जा से चलने वाले कई संसाधन, जैसे- टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, पंखे और कूलर आदि घर-घर में आम हो गए हैं. अब बड़े शहरों में तो पावर कट बहुत अधिक नहीं होता, लेकिन गांव-कस्बों में 5 से 8 घंटों का पावर कट अभी भी सामान्य बात है. शायद यही कारण है कि पिछले कुछ सालों में छोटे शहरों में इन्वर्टर (पावर बैटरी) की मांग बहुत अधिक बढ़ गई है.

बैटरी वाटर में इसलिए है मुनाफा

अर्थशास्त्र की भाषा में एक शब्द है अनुपूरक वतु, जिसका मतलब है हर बिजनेस कहीं न कहीं किसी और बिजनेस से जुड़ी होती है या किसी और बिजनेस से प्रभावित होती है. घरों या गाडियों में उपयोग होने वाले पावर इन्वर्टर के लिए तरह बैटरी पानी भी एक अनुपूरक है. इन्वर्टरों में समय-समय पर डाले जाने वाला पानी व्यापार का अच्छा साधन बन सकता है. चलिए आपको इस बारे में विस्तार से बताते हैं.

50 हजार में शुरू कर सकते हैं बिजनेस

बैटरी वाटर का बिजनेस शुरू करने के लिए आपको न तो अधिक लागत की जरूरत है और न ही अधिक परिश्रम की. हां, बस इसे अच्छी योजना के तहत शुरू किया जाना चाहिए. सच पूछा जाए, तो इस काम को आप केवल 50 हजार रुपए में भी शुरू कर सकते हैं.

सरकार दे रही है सहायता

इस काम को करने के लिए आपकी मदद सरकार करती है. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत सरकारी सहायता प्रदान कर आप इसे आसानी से कर सकते हैं. हमने ऊपर 50 हजार की बात इसलिए कही, क्योंकि बाकि का पैसा (4.70 लाख रूपए) प्रोजेक्ट स्कीम के तहत आपको केंद्र सरकार प्रदान करती है.

प्लांट लगाने के लिए जगह

इस काम को शुरू करने के लिए कुछ मशीनों को खरीदने की जरूरत पड़ती है, जैसे हॉट एयर ब्लोअर, प्लास्टिक ड्रम और वाटर लिफ्टिंग पंप आदि. इन सारे मशीनं को लगाने के लिए कुछ जगह की जरूरत आपको पड़ती है. सामान्यतौर पर देखा जाए तो 2 कट्ठा जमीन में इस प्लांट को स्थापित किया जा सकता है.

कौन उठा सकता है योजना का लाभ

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का लाभ कोई भी ले सकता है. इसके लिए बस आपके पास कुछ दस्तावेजों का होना जरूरी है, जैसे- फोटो, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण, शिक्षा प्रमाण पत्र और प्रोजेक्ट रिपोर्ट. अगर आप चाहें तो इस योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर भी आवेदन कर सकते हैं. अगर ऑनलाइन आवेदन करने में असक्षम हैं, तो जिला कार्यलय जाकर भी आवेदन कर सकते हैं. (ऑनलाइन आवेदन करने के लिए इस लिंक पर जाएं)

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