Others

जानिए चीन और अमेरिका के आर्थिक युद्ध से कैसे कृषि और व्यापार क्षेत्र में मंदी

अमेरिका और चीन ने अभी तक दिनोंदिन बढ़ते अपनी आर्थिक जंग में सबसे बड़ा कदम उठाया दोनों देश ने एक दूसरे के उत्पोदों पर , सोयाबीन से लेकर पोर्क तक और साथ ही परमाणु रिएक्टरों समेत सभी  पर टैरिफ लगा दिया है। ईरान और वेनेजुएला पर कड़ी अमेरिकी प्रतिबंधों के साथ संयुक्त नए प्रतिबंधो द्वारा सालाना ट्रिलियन डॉलर की वस्तुओं को लेकर व्यापार मार्गों को बधित करने की धमकी दे रहा हैं।

डोनाल्ड ट्रम्प के वैश्विक व्यापार को फिर से संतुलित करने के प्रयासों ने धातु को पहले से ही एक नकरात्मक स्तर पर भेज दिया है। चूंकि दूसरे देश अमेरिकी टैरिफ और प्रतिबंधों का जवाब देते हैं, इसलिए विघटन बढ़ने की संभावना है।

स्टील की कीमतें और एल्यूमीनियम की कीमतों में बढोतरी हो रही है इसका कारण अमेरिका में टैरिफ का लिए बढना हैं, पर निर्माताओं पर इस फैसले का कहर बरस रहा है।

चीन और भारत, जिन्होंने पिछले 3 महीनों में ईरानी क्रूड के दिन 1.4 मिलियन बैरल आयात किए थे, जल्द ही यह तय करना होगा कि क्या वे अमेरिकी सरकार की ईरानी तेल निर्यात को शून्य में लाने की इच्छा को मानना चाहते हैं या नही  या फिर धीरे-धीरे बढ़ते कच्चे आयात बिल का जोखिम उठाना चाहते है। यह एक ऐसी स्थिति है जो अमेरिका के उद्भव से क्रूड के एक प्रमुख निर्यातक के रूप में जटिल है, विशेष रूप से चीन के लिए।

दुनिया का सबसे तेज़ बढ़ता जीवाश्म ईंधन वैश्विक व्यापार तनाव बढ़ाने से प्रत्यक्ष गिरावट के लिए मजबूर है। चीन के साथ व्यापार पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कड़ी बात यह है कि दुनिया के सबसे बड़े तरल प्राकृतिक गैस के निर्यातक बनने के अपने देश के प्रयासों पर उभर रहा है। यूरोप में, संभावित अमेरिकी प्रतिबंधों से रूस से संभावित पाइपलाइन परियोजना को अपूर्ण कर दिया गया है, जबकि दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी विक्रेता कतर की बिक्री प्रथाएं प्रतिस्पर्धी होने के नाते जांच में हैं।

घर्षण जोखिम पिछले साल लगभग 300 अरब डॉलर के गैस के वैश्विक व्यापार में बाधा डालता है, जिससे स्वच्छता वाले जलने वाले ईंधन विस्फोट की मांग के रूप में वस्तु के प्रवाह को विकृत करने की धमकी दी गई है। यह अमेरिका में बहु अरब डॉलर की निर्यात परियोजनाओं पर एक छाया कास्टिंग भी कर रहा है जबकि संरक्षणवाद की लहर से छेड़छाड़ किए गए देशों के लइ अवसर पैदा कर रहा है।

व्यापारी लड़ाई से कृषि पर पड़ता प्रभाव

कृषि ऋणदाता कोबैंक के अनुसार, अमेरिका वैश्विक कृषि व्यापार में एक महत्वपूर्ण कोग है, और इसके दो-तिहाई कृषि निर्यात को व्यापार विवादों या वार्ता के साथ देशों में भेज दिया जाता है। मेक्सिको और यूरोपीय संघ ने पहले से ही अमेरिकी उत्पादों पर कुछ व्यापार बाधाओं को लगाया है, और अमेरिकी सोयाबीन के शिपमेंट को चीन से दूर कर दिया गया है। अमेरिकी बाजार शायद इस व्यापार युद्ध से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। और इसका परस्पर नुकसान दोनो देशो को उठाना पड सकता है।

भानु प्रताप

कृषि जागरण



English Summary: Know how the economic and economic welfare of China and the US

Share your comments


Subscribe to newsletter

Sign up with your email to get updates about the most important stories directly into your inbox

Just in