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International Carrot Day 2025: क्यों मनाया जाता है यह दिन, जानें भारत में कहां होती है सबसे ज्यादा गाजर की खेती?

International Carrot Day 2025: अंतरराष्ट्रीय गाजर दिवस हर साल 4 अप्रैल को मनाया जाता है. इसका उद्देश्य गाजर के पोषण, इतिहास और खेती के महत्व को उजागर करना है. यह दिन किसानों और उपभोक्ताओं को गाजर की विभिन्न किस्मों और फायदों के बारे में जागरूक करता है.

KJ Staff
Carrot farming
गाजर दिवस 2025: इतिहास, पोषण और भारत में गाजर उत्पादन की पूरी जानकारी (Image Source: Freepik)

International Carrot Day: गाजर का नाम सुनते ही हम लोगों के दिमाग में इससे जुड़े स्वादिष्ट पकवान का ख्याल आने लगते हैं, जितने स्वादिष्ट इसके पकवान होते हैं, उतना ही गाजर शरीर के लिए भी पौष्टिक मानी जाती है. अगर तत्वों की बात करें तो इसमें विटामिन ए, बीटा-कैरोटीन और फाइबर की मात्रा अधिक होती है. गाजर के गुणों और उनकी विशेष किस्मों की जानकारी के बारे में लोगों को अवगत करवाने के लिए हर साल 4 अप्रैल को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय गाजर दिवस मनाया जाता है. 

इस दिन को मनाने का उद्देश्य गाजर के महत्व, इसके रोचक इतिहास और विभिन्न पाक व्यंजनों में इसकी भूमिका को उजागर करना है. गाजर सिर्फ खाने के लिए ही नहीं, बल्कि इसकी खेती भी किसानों के लिए एक फायदेमंद विकल्प है. भारत में लाल, नारंगी, बैंगनी और काले रंग की गाजर पाई जाती हैं, जो अलग-अलग पोषक तत्वों से भरपूर होती है.

अंतर्राष्ट्रीय गाजर दिवस की कहानी (Story of International Carrot Day)

गाजर दिवस दुनियाभर में 4 अप्रैल को मनाया जाता है और ये दिन किसानों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण होता है. वो इसलिए गाजर की खेती/ Carrot Harvest के महत्व के बारे में इससे अच्छा कोई नहीं जान सकता है. वहीं, अगर इस दिन के मनाने की शुरुआत की बात करें तो अंतर्राष्ट्रीय गाजर दिवस/International Carrot Day की शुरुआत वर्ष 2003 में हुई थी. पहले यह आयोजन केवल फ्रांस में हुआ करता था, लेकिन 2012 तक यह उत्सव वैश्विक स्तर पर फैल गया. अब यह भारत, जापान, रूस, इटली समेत कई अन्य देशों में मनाया जाता है. इस दिन विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें गाजर से जुड़े व्यंजन प्रतियोगिताएँ और जागरूकता अभियान शामिल होते हैं.

गाजर की प्रमुख किस्में और उनके उपयोग (Major varieties of carrot and their uses)

इम्परेटर (Imperator): लंबी और पतली, बेहद मीठी होती है.

डैनवर्स (Danvers) पारंपरिक गाजर, जो लंबे समय तक ताजा रहती है.

नैंटेस (Nantes) जूस बनाने के लिए.

चैंटेने (Chantene) – छोटी और मोटी, फ्रीजिंग और कैनिंग के लिए उपयुक्त.

इन राज्यों में होती है सबसे अधिक गाजर की खेती

हरियाणा - इस राज्य में गाजर की सबसे ज्यादा पैदावार होती हैं. कह सकते है, कि गाजर की खेती में ये राज्य अव्वल नंबर पर आता हैं.साथ ही दन करते हैं. देश के कुल गाजर उत्पादन में हरियाणा की 20.23 फीसदी की हिस्सेदारी हैं.

पश्चिम बंगाल - ठंड के दिनों में गाजर की डिमांड अधिक बढ़ जाती है. वहीं, उत्पादन की बात करें तो इसमें पश्चिम बंगाल का भी नाम है. सबसे अधिक खेती करता है और जिसकी कुल उत्पादन में 12.32 फीसदी की हिस्सेदारी है.

3.पंजाब:  गाजर का इस्तेमाल पंजाब में अचार, मुरब्बा, जूस, सलाद, सब्जी और गाजर के हलवे को अधिक मात्रा में बनाने के लिए किया जाता है. वहीं उत्पादन के मामले में भारत के टॉप तीन राज्यों में तीसरा नंबर पंजाब का है. यहां गाजर का 11.77 फीसदी उत्पादन होता है.

उत्तर प्रदेश: गाजर में भरपूर मात्रा में विटामिन-ए और कैरोटीन पाया जाता है. गाजर सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. अब जान लीजिए कि उत्तर प्रदेश गाजर के उत्पादन में इस राज्य के किसान हर साल 9.37 फीसदी गाजर का उत्पादन करते हैं.

मध्य प्रदेश: राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के (वर्ष 2021-22) आंकड़ों के अनुसार गाजर की पैदावार में मध्य प्रदेश हर साल 8.77 फीसदी गाजर का उत्पादन करते हैं. वहीं ये पांच राज्य मिलकर 60 फीसदी गाजर का उत्पादन करते हैं.

लेखक -रवीना सिंह

English Summary: International Carrot Day 2025 history behind Carrot Day know which states have high production of carrots Published on: 03 April 2025, 06:50 PM IST

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