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एक मिनट में करें असली-नकली दूध की पहचान, ये रहा तरीका

सिप्पू कुमार
सिप्पू कुमार
milk

शास्त्रों में सबसे पवित्र पदार्थों में से एक दूध है. इसकी शुद्धता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज़ भी किसी भोले, शरीफ आदमी का उदाहरण देना हो तो हम कहतें हैं कि वो तो मानो दूध का धूला हुआ है. ये भी सत्य है कि अच्छे स्वास्थ के लिए दूध का सेवन बहुत जरूरी है. कमजोरी महसूस करने वाले लोगों को याद होगा कि डॉक्टर ने उन्हें सबसे पहले हर दिन दूध पीने को कहते था. लेकिन सवाल ये है कि क्या जिस दूध को शास्त्रों में अमृत कहा गया क्या उसी दूध का सेवन आप भी कर रहे हैं. कितना शुद्ध है आपका दूध. क्या आपके दूध में किसी तरह की मिलावट है और अगर है तो किस प्रकार आप उस मिलावट से दूर रह सकतें हैं. आज़ हम इन्हीं सब बातों से आपको अवगत कराएंगें.

इस तरह हो रही है मिलावटः

अगर आपको भी यही शिकायत है कि आपके दूध में पानी का मिलावट किया जाता है, तो यकिन मानिए आप बहुत भाग्यशाली हैं. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि दूध में पानी के मिलावट का खेल अब बहुत पुराना हो गया है. अब जिस तरह से नकली दूध का निर्माण किया जा रहा है वो आपके सेहत को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ आपको कैंसर जैसी बीमारियों में झोंक रहा है. अब दूध में खतरनाक यूरिया मिलाया जा रहा है. इतना ही नहीं सिंथेटिक खतरनाक चीजों को मिलाकर दूध के रूप में हर सूबह आप तक जहर पहुंच रहा है.

मिलावट का ये खेल बहुत ही डरावना एवं दिल को दहला देने वाला है. सबसे पहले यूरिया को हल्की आंच पर उबाल लिया जाता है, फिर उसमें कपड़े धोने वाला डिटर्जेंट, सोडा स्टार्च, फॉरेमैलिन और वाशिंग पाउडर आदि मिलाकर एक सलूशन तैयार कर लिया जाता है. इसके बाद इसमें कुछ और जहरीले पदार्थ मिलाकर असली दूध भी मिला दिया जाता है. ताकि किसी को शक ना हो.

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जानलेवा है नकली दूधः

नकली दूध ना सिर्फ आपके सेहत के लिए खतरनाक है बल्कि जानलेवा भी है. इसके सेवन से कैंसर, हार्ट अटैक, किडनी फेल, स्किन प्रॉब्लम, सर दर्द, हड्डियों में खराबी आदि बीमारियां भी होती है.

ऐसे करें पहचानः

हालांकि दूध में मिलावट बड़े सफाई से की जाती है, लेकिन इस चोरी को पकड़ना कोई बहुत मुश्किल काम नहीं है. आपकी जरा सी सतर्कता आपको और आपके अपनो के सहेत का ख्याल रख सकती है. ध्यान रहे कि असली दूध को अगर स्टोर किया जाए  तो वो अपना रंग नहीं बदलता, जबकि नकली दूध कुछ देर के बाद ही पीला पड़ जाता है. इसी तरह अगर दूध शुद्ध है तो उसे रगड़ने पर किसी तरह की चिकनाहट महसूस नहीं होती, लेकिन नकली दूध को रगड़ने पर डिटर्जेंट जैसी चिकनाहट महसूस होती है.

English Summary: check milk adulteration by these simple methods

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