भारत के हर कोने में बसंत पंचमी पर्व की तैयारी चल रही है, इस दिन को पंचांग के अनुसार, माघ महीने में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी मनाई जाती है और इस दिन विद्या की देवी सरस्वती, कामदेव और विष्णु की पूजा की जाती है. यह पूजा विशेष रूप से भारत, बांग्लादेश, नेपाल और कई राज्यों में बड़े उल्लास के साथ मनाई जाती है, लेकिन इस बार सबके मन में यह सवाल है कि बसंत पंचमी का शुभ मुहूर्त कब है? और इस दिन मां सरस्वती को क्या भोग लगाएं की मां की कृपा सदा के लिए मिल जाए.
बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है?
बसंत पंचमी का त्योहार प्रकृति में नए जीवन, उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. मान्यता यह है कि इस दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था. इसलिए इस दिन उन्हें ज्ञान, बुद्धि, संगीत और कला की देवी के रूप में पूजा जाता है. साथ ही यह पर्व सर्दियों के अंत और वसंत ऋतु के आगमन का संकेत भी देता है. खेतों में सरसों की पीली फसल लहलहाने लगती है, चारों ओर हरियाली व खुशहाली भरा माहौल बन जाता है.
क्या भोग लगाएं?
बसंत पचंमी के पावन अवसर पर मां सरस्वती की पूजा में भोग का विशेष महत्व होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी को केसरिया या मीठे चावल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है. इसके अलावा पीली बूंदी के लड्डू, शुद्ध घी से बना बेसन का हलवा और मालपुआ-खीर भी मां को प्रिय हैं. भोग में केसर का प्रयोग शुभ फल देता है. वहीं मौसमी फलों में ‘बेर’ का अर्पण विशेष माना गया है. मान्यता है कि इन भोगों से देवी प्रसन्न होकर ज्ञान बुद्धि और सफलता का आशीर्वाद देती हैं.
बसंत पंचमी पर पीला रंग क्यों पहना जाता है?
बसंत पंचमी के दिन पीले वस्त्र पहनना, पीले फूल चढ़ाना और पीले पकवान बनाना शुभ माना जाता है. यह रंग मां सरस्वती को अत्यंत प्रिय है और सकारात्मकता का संचार करता है. साथ ही पीला रंग ऊर्जा, ज्ञान और समृद्धि का भी प्रतीक माना जाता है.
बसंत पंचमी पर क्या करना शुभ होता है?
-
घर में मां सरस्वती की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करना शुभ माना जाता है.
-
सरस्वती पूजा वाले दिन किताब, कलम, वाद्य यंत्र को पूजा स्थल पर रखें.
-
इस दिन विद्यार्थियों को पढ़ाई की नई शुरुआत कराएं.
-
पीले वस्त्र धारण करना भी बेहद ही अच्छा माना जाता है.
-
साथ ही जरूरतमंद छात्रों को किताबें या पेन दान करें.
बसंत पंचमी शुभ मुहूर्त क्या है?
बसंत पंचमी इस साल मनाया जाएगा पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में माघ शुक्ल पंचमी तिथि की शुरुआत 23 जनवरी 2026 से इस प्रकार है जानें-
|
तिथि: शुक्रवार: 23 जनवरी 2026 |
|
सरस्वती पूजा: 23 जनवरी |
|
पंचमी तिथि प्रारंभ: 02:28 AM |
|
पंचमी तिथि समाप्त: 01:46 AM (24 जनवरी) |
लेखक: रवीना सिंह
Share your comments