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वास्तु के हिसाब से घर की इस दिशा में रखें मिट्टी के गमले, आएगी सुख और समृद्धि

कंचन मौर्य
कंचन मौर्य

हर व्यक्ति सुख और समृद्धि चाह रखता है. इसके लिए अपने घरों को वास्तु के हिसाब से डिजाइन करवाते हैं, साथ ही चीजों को भी वास्तु के हिसाब से सेट करते हैं. ऐसे में आज हम आपको एक विशेष जानकारी देने वाले हैं, जो आपके लिए बहुत लाभकारी साबित हो सकती है. आज हम आपको मिट्टी के गमलों की विशेषता बताने जे रहे हैं. कई लोगों को बागवानी करने का काफी शौक होता है. वह अपने घरों में कई तरह के गमले भी रखते हैं. मगर  क्या आपको पता हैं कि मिट्टी के गमलों को किस सही दिशा में रखना चाहिए, जिससे आपके घर में सुख और समृद्धि आ सके. अगर आप नहीं जानते हैं, तो इस लेख को अंत तक ज़रूर पढ़ते रहिए.

वास्तु के मुताबिक

छोटे आकार के गमले- अगर मिट्टी के गमले छोटे आकार के हैं, तो उन्हें घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना चाहिए. अगर इस दिशा में नहीं लगा सकते हैं, तो थोड़ा उत्तर या पूर्व दिशा की ओर करके भी गमले लगा सकते हैं. कहा जाता है कि इन दिशाओं में छोटे पौधे लगाने से सूर्य की स्वास्थ्य वर्धक रश्मियां घर में प्रवेश करती है. इससे परिवार के सदस्यों की सेहत दुरुस्त रहती है. इसके साथ ही सामाजिक रिश्ते भी मजबूत रहते हैं.

बड़े आकार के गमले-  अगर बड़े आकार के गमलों की बात की जाए, तो ये अधिकतर बड़े-बड़े बिजनेस पार्क या किसी बड़े बाग-बगीचे में देखने को मिलते हैं. इन्हें आप नैऋत्य कोण यानी दक्षिण-पश्चिम दिशा में लगा सकते हैं.

इस बात का ध्यान रखें

  • मुख्य द्वार के सामने कोई बड़ा पेड़ या पौधा न हो. इससे सकारात्मक ऊर्जा द्वार से आकर वापस लौट जाती है.

  • ऊंचे और घने पेड़ मकान के दक्षिण या पश्चिम की ओर लगाएं. इसे शुभ और फलदायी माना जाता है.

  • छोटे कद के पौधों को पूर्व या उत्तर दिशा में लगाएं. ध्यान रहे कि इन्हें कभी भी उत्तर-पूर्व दिशा में न लगाएं, क्योंकि यह अशुभ माना जाता है.

  • घर में कांटे वाले पौधे भूल कर भी न लगाएं. इन पौधों से नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जो घर में अशांति फैलते हैं.

English Summary: Architecturally keep earthenware pots for happiness and prosperity in the house

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