योगी सरकार ने किया किसानों का कर्ज माफ़

उत्‍तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कैबिनेट की मीटिंग की, जिसमें सीएम योगी ने कई बड़े फैसले लिए हैं। इस बैठक में योगी ने लघु और सीमांत किसानों का एक लाख रुपए तक का फसली कर्ज माफ करने का फैसला किया है।

योगी आदित्यनाथ ने अपनी पहली कैबिनेट में यूपी के दो लाख तीस हजार करोड़ किसानों का 30,729 करोड़ का कर्ज माफ करने का ऐलान किया है। इस फैसले से प्रदेश के राजकोष पर 36359 करोड़ रुपए का बोझ आएगा।

आपको बता दें कि पीएम मोदी ने विधानसभा चुनाव के दौरान एक रैली में ऐलान किया था कि भाजपा सरकार बनने पर पहली कैबिनेट में किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा।

कैबिनेट बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, यह हमारे संकल्प पत्र का हिस्सा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी चुनाव के दौरान ऐलान किया था कि भाजपा की सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में ही लघु एवं सीमांत किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा।

सिंह ने कहा, सूखा, ओला, बाढ़ से प्रभावित किसान कर्ज माफी के दायरे में आएंगे। कुल 30, 729 करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया गया है क्योंकि ये किसान बडा ऋण नहीं लेते हैं इसी अंदाज से एक लाख रुपए तक का ऋण उनके खाते से माफ किया जाएगा।

सिंह ने कहा कि साथ ही सात लाख किसान और हैं, जिन्होंने कर्ज लिया था और उसका भुगतान नहीं कर सके, जिससे वह ऋण गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) बन गया और उन्हें कर्ज मिलना बंद हो गया। 

ऐसे किसानों को भी मुख्य धारा में लाने के लिए उनके कर्ज का 5630 करोड़ रुपए माफ किया गया है। इस तरह कुल मिलाकर किसानों का 36, 359 करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया गया है।

ये फैसले भी लिए गए 

* आलू की खरीद के लिए तीन लोगों की कमेटी

* रोजगार बढ़ाने के लिए नई उद्योग नीति

* गाजीपुर में नया स्पोर्टस कॉम्प्लेक्स

* स्लॉटर हाउस पर आदेशों का पालन

महिलाओं से छेडखानी करने वालों पर अंकुश लगाने के मकसद से बने एंटी रोमियो स्क्वाड की कार्रवाई की उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने आज सराहना की। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में यहां हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, 'सरकार बनने से पहले प्रदेश के अंदर नागरिकों विशेष रूप से महिलाओं, कमजोर और वंचित वर्ग के लोगों में असुरक्षा का भाव रहता था। भय का वातावरण था। खासकर कालेज जाने वाली लडकियों में बहुत असुरक्षा थी।'

उन्होंने कहा, 'लगातार स्कूल जाने वाली बहनों का पीछा करना, अभद्र टिप्पणी करना, बाजार में अगर कोई बहन अपनी मां के साथ जा रही है तो मोटरसाइकिल से उसका पीछा करना जैसी घटनाएं होती थीं, लेकिन इन सभी घटनाओं पर एंटी रोमियो दस्ता अच्छा कार्य कर रहा है। पूरे प्रदेश से इस अभियान को वाहवाही मिली है।'

शर्मा ने कहा, इस अभियान को कुछ राजनीतिक पार्टियां बदनाम करने की कोशिश भी की है। उन्होंने बताया कि सभी पुलिस अधिकारियों को दिशानिर्देश जारी किए गए हैं कि अगर कहीं कोई युगल किसी पार्क, सार्वजनिक स्थल, रिक्शे, कालेज में या किसी अन्य जगह बैठा है तो अनावश्यक रूप से उनसे पूछताछ करने, पहचान पत्र मांगने जैसी शिकायत मिलने पर संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। 

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी ने संबंधित अधिकारियों को धार्मिक स्थल, स्कूल और बस्ती से भी दुकानें 500 मीटर दूर ही रखने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश भेज दिया है। यही नहीं, आदेश में कहा गया है कि कोई भी शराब की दुकान ग्रामीणों की सहमति से ही खोले जाएं। किसी भी तरह की अप्रिय घटना के मद्देनजर सुरक्षा के इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। 

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