बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के अंतर्गत बिहार पशुचिकित्सा महाविद्यालय, पटना में पशुधन उत्पादन एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विश्व अंडा दिवस का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम में अंडे के पोषण मूल्य, स्वास्थ्य लाभ तथा पोल्ट्री क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत पशुधन उत्पादन एवं प्रौद्योगिकी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सुषमा कुमारी के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने विश्व अंडा दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अंडा उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन, विटामिन एवं खनिजों का उत्कृष्ट स्रोत है तथा इसके प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस दिवस का उद्देश्य अंडे के पोषण संबंधी लाभों तथा पोल्ट्री क्षेत्र की संभावनाओं के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है।
मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. इंद्रजीत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि अंडा मानव पोषण का एक महत्वपूर्ण आधार है और कुपोषण से लड़ने में इसकी बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में संतुलित एवं सस्ते पोषण की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है, जिसका प्रभावी समाधान अंडे जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों के व्यापक उपयोग से किया जा सकता है। उन्होंने संगठित पोल्ट्री पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि युवाओं को वैज्ञानिक पोल्ट्री प्रबंधन अपनाकर उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से पोल्ट्री क्षेत्र के विकास तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. निर्मल सिंह दहिया ने पोल्ट्री पालन के माध्यम से स्वरोजगार की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कम लागत में बेहतर आय उपलब्ध कराने वाला व्यवसाय है, जिससे ग्रामीण युवाओं एवं किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सकती है।
निदेशक अनुसंधान डॉ. एन. के. सिंह ने महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि अंडे को “आलू का दर्जा” प्राप्त है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार आलू लगभग हर प्रकार के भोजन में उपयोगी है, उसी प्रकार अंडा भी पोषण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण एवं बहुपयोगी खाद्य पदार्थ है।
निदेशक आवासीय निदेश एवं अधिष्ठाता, स्नातकोत्तर शिक्षा डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि अंडा एक सुलभ, किफायती एवं संपूर्ण पोषण प्रदान करने वाला खाद्य पदार्थ है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज में अंडे के पोषण संबंधी वैज्ञानिक तथ्यों के प्रचार-प्रसार का आह्वान किया तथा कहा कि कुपोषण की समस्या से निपटने में अंडे की महत्वपूर्ण भूमिका है।
बिहार पशुचिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पल्लव शेखर ने अंडे के पोषण मूल्य एवं संतुलित आहार में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि अंडा उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन, आवश्यक अमीनो अम्ल, विटामिन तथा खनिजों का उत्कृष्ट स्रोत है और सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए लाभकारी है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र आरव आदर्श ने अंडे के पोषण मूल्य तथा राजा कुमार ने अंडे की बहुउपयोगिता विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। दोनों छात्र वक्ताओं ने दैनिक जीवन में अंडे के महत्व को वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर समझाया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. गर्गी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रोहित द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, वैज्ञानिक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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