सर्दी की बारिश : वरदान या अभिशाप

एक बार फिर आसमान से बिन मौसम बारिश ने दस्तक दी है। देश के कई इलाकों में बारिश हुई है तो यूपी कानपुर और हरियाणा के हिसार में बड़े-बड़े ओले पड़े हैं। दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश के बाद पारा लुढ़क गया है। सर्दी के मौसम में हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं।

बारिश की वजह से गेहूं, चना, मटर, अरहर समेत रबी की दूसरी तमाम फसलों को फायदा हो सकता है लेकिन ये बारिश आलू की फसल को नुकसान पहुंचा सकती है। बारिस का सिलसिला पंजाब और हरियाणा में भी चलता। हरियाणा में हिसार समेत कई जगहों पर ओले पड़े हैं। केंद्रीय मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले 2-3 दिन ऐसी ही स्थिति रहेगी। शुक्रवार को मौसम साफ रहेगा लेकिन शनिवार को एक और पश्चिमी विक्षोभ आएगा।

बारिश गेहूं की फसल के लिए वरदान है | पिछले कई दिनों से दिन का तापमान 24-25 डिग्री तक पहुंच जा रहा था जो नुकसानदायक था, इस वक्त गेहूं में कल्ले फूट रहे हैं, अगर 10 दिन यही हाल रहता तो बालियां बन जातीं, यानी पैदावार कम होती, लेकिन अब तामपान कम होगा गेहूं को अपनी तरह से बढ़ने का मौका मिलेगा।  प्रदेश में 80 फीसदी कृषि जमीन में लभगभ गेहूं है तो किसानों के लिए फायदा ही कहेंगे, हां मसूर और चना जैसी फसलों में नुकसान जरुर हो सकता है।”

इस बारिश से सरसों के फूल गिर सकते हैं तो माहू जैसे रोग भी लग सकते हैं, तो किसान खेत की बराबर निगरानी करें और एक भी कीड़ा दिखे तो मौमस साफ होने के बाद कीटनाशी डालें।

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