
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक शानदार अवसर आ चुका है. अब किसान अपनी दलहन और तिलहन की फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सीधा सरकार को बेच सकते हैं, वह भी बिना किसी परेशानी के. मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत यह सुविधा 2 अप्रैल से 30 जून तक उपलब्ध रहेगी. इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाकर उनकी आय बढ़ाना है.
कैसे मिलेगा एमएसपी का लाभ?
किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर यह योजना चला रही है. इस योजना के तहत किसान ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकते हैं और अपनी फसलों को सरकार को बेच सकते हैं.
किन जिलों के किसानों को होगा लाभ?
इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्य के अलग-अलग जिलों को दो संस्थाओं, नेफेड और एनसीसीएफ, को सौंपा गया है.
नेफेड के अंतर्गत आने वाले जिले:
लखनऊ, अयोध्या, झांसी, महोबा, हमीरपुर, जालौन, फतेहपुर, कानपुर देहात, प्रयागराज, कौशाम्बी, ललितपुर, सोनभद्र, जौनपुर, गाजीपुर, औरैया, बलिया, सुल्तानपुर, रायबरेली, प्रतापगढ़, अमेठी, वाराणसी, उन्नाव, मैनपुरी, अम्बेडकर नगर, फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, गोंडा, बाराबंकी, संत रविदास नगर, बलरामपुर, संत कबीर नगर, सीतापुर, गोरखपुर, कासगंज, लखीमपुर खीरी, देवरिया, शाहजहांपुर, बुलंदशहर, श्रावस्ती, रामपुर, अलीगढ़, हाथरस, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, गाजियाबाद, सहारनपुर, बदायूं, शामली, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़ और बिजनौर.
एनसीसीएफ के अंतर्गत आने वाले जिले:
बांदा, चित्रकूट, कानपुर नगर, मिर्जापुर, आजमगढ़, चंदौली, मऊ, आगरा, कन्नौज, बस्ती, हरदोई, एटा, बहराइच, मथुरा, महराजगंज, बरेली, मेरठ, पीलीभीत, सम्भल, बागपत और अमरोहा.
क्या है निर्धारित समर्थन मूल्य?
सरकार ने इस बार दलहन और तिलहन की खरीद के लिए निम्नलिखित न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किए हैं:
- अरहर: 7,550 रुपए प्रति क्विंटल
- मसूर: 6,700 रुपए प्रति क्विंटल
- सरसों: 5,950 रुपए प्रति क्विंटल
- चना: 5,650 रुपए प्रति क्विंटल
तीन दिनों में होगा भुगतान
किसानों को उनकी उपज का भुगतान तेजी से मिले, इसके लिए नेफेड के राज्य प्रमुख रोहित जैमन ने स्पष्ट किया कि आधार से लिंक बैंक खाते में भुगतान मात्र तीन कार्य दिवसों के भीतर कर दिया जाएगा. इसके अलावा, किसानों की सुविधा के लिए अलग-अलग जिलों में पीसीएफ, पीसीयू, जैफेड और यूपीएसएस के माध्यम से क्रय केंद्र बनाए जा रहे हैं.
पंजीकरण करने से पहले ध्यान दें:
- आधार से लिंक बैंक खाता और मोबाइल नंबर पंजीकृत हो.
- आधार कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर में नाम और पिता का नाम समान हो.
- किसान स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या नजदीकी सुविधा केंद्र पर पंजीकरण करवा सकते हैं.
पंजीकरण के लिए आवश्यक पोर्टल:
अगर किसी किसान को अधिक जानकारी चाहिए तो वह 18002101222 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकता है. सरकार की इस पहल से किसानों को न केवल उनकी फसल का सही मूल्य मिलेगा, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी.
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