1. Home
  2. ख़बरें

Farmer Protest: विरोध का अनोखा तरीका, सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में किसान ने खुद को जमीन में गाड़ा, जानें पूरा मामला

आप सब ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने के कई तरीकों के बारे में सुना होगा. लेकिन अब तक खुद को जमीन में गाड़कर विरोध करने के बारे में नहीं सुना होगा. जी हां यह खबर सच है. यहां जानें इसके पीछे की पूरी वजह क्या है.

लोकेश निरवाल
विरोध में किसान ने खुद को जमीन में गाड़ा
विरोध में किसान ने खुद को जमीन में गाड़ा

हमारे देश में आए दिन किसान प्रदर्शन (farmers demonstration) या फिर इनके ऊपर हो रहे अत्याचार की खबरें सामने आती ही रहती हैं. इसी कड़ी में सरकार के खिलाफ विरोध की अजीबोगरीब घटना सामने आई है. जिसे जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे. दरअसल, एक किसान ने महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ विरोध में अपने आप को जमीन में गाड़ लिया. यह खबर महाराष्ट्र के औरंगाबाद संभाग के जालना जिले मंठा तहसील के हेलस गांव में रहने वाले किसान सुनील जाधव की है.

आपको बता दें कि उन्होंने विरोध के चलते खुद को आधा जमीन में गाड़ लिया है. इनका पूरा शरीर जमीन के अंदर और सिर बाहर है. बताया जा रहा है कि किसान का यह विरोध कर्मवीर दादासाहेब गायकवाड सबलीकरण स्वाभिमान योजना (Karmaveer Dadasaheb Gaikwad Empowerment Self-respect Scheme) के तहत मिली जमीन पर मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए किया है.

जमीन पाने के लिए अपनाया अनोखा तरीका

अपने इस विरोध के चलते किसान सुनील जाधव अपने पूरे क्षेत्र के साथ आस-पास के इलाकों में भी चर्चा का विषय बन गए हैं और अब यह धीरे-धीरे बड़े स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है.

बता दें कि किसान की माता और उनकी मौसी को सरकार की तरफ से कर्मवीर दादासाहेब गायकवाड सबलीकरण स्वाभिमान योजना के तहत 1 हेक्टेयर 35 आर जमीन मिली थी, जो अभी तक उनके नाम नहीं हुई है. इसके लिए किसान ने कई बार सरकार से गुहार लगाई लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ. आखिरकार  इन्होंने इसे अपने नाम करने के लिए अपने आप को जमीन में गाड़ लिया.

4 साल से लगा रहे सरकारी ऑफिसों के चक्कर

किसान सुनील जाधव बताते हैं कि उन्हें सरकार की योजना से साल 2019 में यह जमीन प्राप्त हुई थी. तब से लेकर अभी तक वह इसपर अपना मालिकाना हक नहीं पा सके हैं. इसके लिए उन्होंने पिछले 4 साल से तहसील और जमीन से संबंधित सरकारी कार्यालय में काफी चक्कर लगाए हैं. लेकिन फिर भी उन्हें किसी भी तरह का न्याय नहीं मिला.

ये भी पढ़ेंः सती प्रथा को समाप्त करने वाले समाज सुधारक को नमन...

अंत में उन्हें इस जमीन को पाने के लिए अपने आपको जमीन में गाड़ने का सुझाव सुझा. उनका कहना है कि जब तक सरकार के द्वारा जमीन पर कब्जा नहीं दिया जाता. तब तक वह जमीन से बाहर नहीं निकलेंगे.

English Summary: Unique way of protest, farmer buried himself in the ground in protest against the government Published on: 03 January 2023, 12:54 PM IST

Like this article?

Hey! I am लोकेश निरवाल . Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News