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किसानों के लिए खोला गया कॉल सेंटर, सभी शिकायतों का होगा समाधान, किसानों को मिलेगा इसका लाभ

भारतीय किसान तेज़ी से अपना रुख डिजिटलीकरण के ओर कर रहे हैं. इससे ना केवल उनकी समय की बचत हो रही है, बल्कि समस्याओं का समाधान भी चंद पलों में हो जाता है. ऐसे में झारखंड ने भी अपने किसानों को एक बड़ी सौगात दी है. जी हां, अब यहां के किसान अपनी समस्याओं के समाधान के लिए किसान कॉल सेंटर और व्हाट्सएप पर बात कर संपूर्ण जानकरी ले सकते हैं.

रुक्मणी चौरसिया

भारतीय किसान तेज़ी से अपना रुख डिजिटलीकरण (Digitalization) की ओर कर रहे हैं. इससे ना केवल उनकी समय की बचत हो रही है, बल्कि समस्याओं का समाधान भी चंद पलों में हो जाता है. ऐसे में झारखंड (Jharkhand) ने भी अपने किसानों को एक बड़ी सौगात दी है. जी हां, अब यहां के किसान अपनी समस्याओं के समाधान के लिए किसान कॉल सेंटर और व्हाट्सएप (Kisan Call Center and WhatsApp) पर बात कर संपूर्ण जानकरी ले सकते हैं.

झारखंड ने लॉन्च किया किसान कॉल सेंटर (Jharkhand launched Kisan Call Center)

झारखंड के 30 लाख से अधिक किसान 'किसान कॉल सेंटर' के माध्यम से अपनी सभी शिकायतों का समाधान करेंगे. बता दें कि इसका उद्घाटन राज्य के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख (Agriculture Minister Badal Patralekh) ने किया था.

रांची में इस सुविधा को शुरू करते हुए कहा कि "इस परियोजना से राज्य के दूरदराज के उन किसानों को लाभ होगा, जिन्हें अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए ब्लॉकों में आने में समस्या का सामना करना पड़ा था”.

किसानों की समस्याओं का ऐसे निकलेगा हल (Such will be the solution to the problems of farmers)

खास बात यह है कि Kisan Call Centre के माध्यम से, झारखंड के किसान अपने सवालों के जवाब, कृषि और योजनाओं से संबंधित समस्याओं का हल जान सकेंगे. साथ ही किसान अपने समाधान केवल एक मुफ्त फोन कॉल या SMS के माध्यम से और कम से कम समय में प्राप्त कर सकेंगे.

किसान कॉल सेंटर के अंतर्गत हेल्पलाइन सर्वे एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली (Helpline Survey & Grievance Management System) का कार्य विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जायेगा.

किसानों को डिजिटल बनना है समय की मांग (Farmers have to become digital, the need of the hour)

जिस तरह से डिजिटल चीज़ों ने हमारा समय बचाना शुरू कर दिया है ये बेशक़ काबिले तारीफ है. उदहारण के तौर पर जिस किसान को एक योजना में अप्लाई करने के लिए घंटों लग जाते थे आज वही काम चंद मिनटों में हो जाता है.

ऐसे में राज्य की कृषि निदेशक निशा उरांव (State Agriculture Director Nisha Oraon) ने कहा कि यह देश में अपनी तरह की एक अनूठी पहल है जहां किसान न केवल कॉल या व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से अपनी शिकायतों का निवारण कर सकते हैं. बल्कि खेती और सरकारी योजनाओं जैसे बीज से संबंधित सभी तकनीकी जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं.

कब से कब तक शुरू रहेगी कॉल सेंटर की सुविधा (From when will the facility of call center start)

कॉल सेंटर की सुविधा अभी सोमवार से शनिवार तक सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक उपलब्ध होगी. साथ ही राज्य सरकार ने कहा कि "प्रतिक्रिया के आधार पर हम शिफ्ट के आधार पर समय बढ़ा सकते हैं. हालांकि, अगर शाम 5 बजे के बाद भी कोई शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो नंबर दर्ज किया जाएगा और किसान को कॉल-बैक प्राप्त होगा".

क्या है किसान कॉल सेंटर का नंबर और ईमेल (What is Kisan Call Center number and email)

किसान अपनी समस्या घर बैठे टोल फ्री नंबर 1800-123-1136, लैंडलाइन नंबर 0651-7122712, व्हाट्सएप/एसएमएस 8797891222, वेबसाइट kccjharkhand.in और ईमेल आईडी info@kccjharkhand.in पर दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा वे सुझाव भी दे सकते हैं जिससे अन्य किसानों को भी लाभ होगा.

ब्लॉक चैन तकनीक की भी हुई शुरुआत (Block chain technology also started) 

साथ ही इन्होंने किसानों तक सब्सिडी दरों पर बीजों तक पहुंचने की निगरानी के लिए एक ब्लॉक चेन तकनीक भी शुरू की है. इस नई तकनीक से बीजों की रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी और कालाबाजारी पर रोक लग सकेगी.

English Summary: This number will solve the problems of farmers, more than 30 lakh will get benefit Published on: 20 January 2022, 01:50 IST

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