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कोहरे से गन्ना किसान पर भारी मुसीबत, जानिए किस बीमारी की चपेट में आई फसल

इस साल की ठंड गन्ना किसान के लिए मुसीबत पैदा कर रही है जिससे किसानों को भारी नुकसान हो सकता है. दरअसल, उत्तर प्रदेश में पड़ रहे कोहरे से किसानों की शरदकालीन गन्ना फसल बुरी तरह प्रभावित हो रही है. इस बार की ठंड से शरदकालीन गन्ना बैंडिड क्लोरोसिस नामक बीमारी की चपेट में आ गया है.

कंचन मौर्य
ganna
Sugarcane Farming

इस साल की ठंड गन्ना किसान के लिए मुसीबत पैदा कर रही है जिससे किसानों को भारी नुकसान हो सकता है. दरअसल, उत्तर प्रदेश में पड़ रहे कोहरे से किसानों की शरदकालीन गन्ना फसल बुरी तरह प्रभावित हो रही है. 

इस बार की ठंड से शरदकालीन गन्ना बैंडिड क्लोरोसिस नामक बीमारी की चपेट में आ गया है. यह गन्ना रोग (Sugarcane Disease) उन गन्ना किसानों को परेशान कर रही हैं, जिन्होंने 0238 प्रजाति के गन्ने की खेती की है. इस बीमारी से पौधे की पत्तियां बीच में काली पड़कर सूख रहीं है.

कृषि विशेषज्ञों की मानें तो यह बीमारी गन्ने में पहली बार नज़र आई है. अगर खेत को कई दिनों तक सूरज की रोशनी न मिले, तो गन्ने में बैंडिड क्लोरोसिस जैसी बीमारी हो जाती है.

आपको बता दें कि किसान शरदकालीन गन्ने की बुवाई सितंबर से अक्टूबर महीने में करता है, क्योंकि इस वक्त गन्ने की बुवाई से डेढ़ गुना ज्यादा उत्पादन मिलता है.

आज किसान ट्रैंच विधि से फसल की बुवाई ज्यादा करता है, जिससे सरसों, आलू, मसूर, प्याज आदि सहफसली खेती कर दोहरा मुनाफ़ा कमा सकते हैं. इतना ही नहीं, पिछले कई सालों से चीनी मिलें भी शरदकालीन गन्ने की बुवाई पर जोर दे रही हैं.

जानकारी के लिए बता दें कि अगर किसान शरदकालीन गन्ने की बुवाई करता है, तो उससे मिल की तरफ से दवाइयों और जैविक खाद पर सब्सिडी मिलती है. इसलिए उत्तर प्रदेश में किसान बड़ी संख्या में शरदकालीन गन्ने की खेती करते हैं. लेकिन इस साल गन्ना किसान पर भारी मुसीबत आ पड़ी है, क्योंकि उनकी फसल को बीमारी ने जकड़ लिया है.

सूरज नहीं निकलने से पौधों को नहीं मिल रहा खाना

सभी जानते हैं कि इस साल की सर्दी में ज्यादा बारिश होने से तापमान काफी कम रहा है. इससे पौधा को ठीक से भोजन नहीं मिल रहा है. बता दें कि गन्ने के लिए कम से कम पांच डिग्री तक तापमान, धूप की आवश्यकता होती है.

लेकिन इस साल का तापमान 2 डिग्री तक गिर गया. इस कारण गन्ने की फसल में बीमारी लग रही है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पौधा छोटा है, तो फसल में इस बीमारी के बढ़ने की संभावना ज्यादा है. 

इस बीमारी में पौधे की पत्तियां सूख जाएंगी, पत्तियों पर पीले और लाल रंग के धब्बे दिखाई देने लगेंगे. इसका सीधा प्रभाव गन्ना उत्पादन पर पड़ेगा. अगर इस बीमारी का समय पर उपचार नहीं हुआ, तो पूरा पौधा सूख जाएगा. इसकी रोकथाम के लिए खेत में सल्फ़र का उपयोग किया जा सकता है, तो वहीं आप कृषि वैज्ञानिक से भी सलाह ले सकते हैं.

English Summary: sugarcane crop disease caused due to fog Published on: 14 January 2020, 12:43 PM IST

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