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आलू , प्याज और लहसुन की उत्पादन पर कई सत्रों का किया गया आयोजन

बी.पी.पाल ऑडोटोरियम में सब्जी विज्ञान विभाग, राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान विभाग द्वारा मध्य प्रदेश, हरियाणा और यूपी के किसानों के समूह का आयोजन राष्ट्रीय बागवानी अनुंसधान परिसर के तत्वाधान में दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया है. इस दो दिवसीय संगोष्ठी का विषय प्याज, लहसुन, आलू उत्पादन, तकनीकी के प्रबंधन द्वारा किसानों की अजीविका के विषय पर आयोजित किया गया है. इस संगोष्ठी का आयोजन 11 से 12 मार्च को आयोजित किया गया था जिसमें कई विषयों पर चर्चा हुई. इस संगोष्ठी में विशेष रूप से कई सब्जियों जैसे कि आलू, प्याज, लहसुन की वैज्ञानिक खेती को करने विशेषकर अच्छी गुणवत्ता युक्त उत्पादन को लेकर चर्चा हुई ताकि किसानों की आय को आसानी से दुगना किया जा सकें.

इन सत्रों का हुआ आयोजन

इस विशेष संगोष्ठी में किसानों की आय को बढ़ाने के साथ-साथ कई विशेष सत्रों पर चर्चा को आयोजित किया गया है. इस सत्र में कई विषय आयोजित किया जाता है -

आलू की नई तकनीकों पर चर्चा हेतु

प्याज, लहसुन, आलू का रणनातिक प्रबंधन और उनकी राजनीतिक क्षमता

पेरिअनर्बन बागवानी हेतु अवसर और कई तरह की चुनौतियां

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता के.एल.चड्डा, एच.के.शर्मा, अध्यक्ष, हॉर्टिकल्चर सोसाइटी ऑफ इंडिया, सदस्य सचिव डॉ बी.एस.तोमर, सब्जी विज्ञान विभाग आदि ने की है. इसी क्रम में संस्था के निदेशक डॉ.पी.के.गुप्ता ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के द्वारा चलाए जा रहे मिशन, कार्यक्रम और अन्य़ संस्था द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यक्रमों के बारे में जानकारी को उपलब्ध करवाया है. इस विशेष संगोष्ठी में सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं के प्रदर्शनी स्टॉल को लगाया गया तथा इसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के कुल 400 किसानों ने इसमें हिस्सा लिया है. इसमें कटाई संबंधी तकनीकों की जानकारी दी गई है.

अन्य सत्रों में चर्चा

इस संगोष्ठी में अन्य सत्र और चरण आयोजित किए गए. इसमें चौथे तकनीकी सत्र में बागवानी फसलों में ऑर्गेनिक तरीके से खेती करके अधिक आय सृजित करने पर जोर दिया गया है. इसके अलावा कृषि का अच्छा मूल्य प्राप्त करने के लिए कृषि उत्पादक संगठन बनाकर अपने उत्पाद का अधिक से अधिक मूल्य दिया गया है. इसमें नाबार्ड के दूसरे व्याख्यान मे बताया गया है कि कैसे किसान एक संगठन को बना सकते है. साथ ही वह सरकार से लोन के लाभ को आसानी से उठा सकते हैं. इसके अलावा किसान एफपीओ और पंजीकरण के बारे में भी जानकारी को प्राप्त कर सकते है.



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