प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के करोड़ों किसानों को इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि से बेहद लाभ हो रहा है. इसी के चलते इस स्कीम में कई बदलाव किए जा रहे हैं और ऐसे में हर किसान के मन में इस योजना से जुड़ा सवाल सामने आ रहा है कि अगर किसान किसी दूसरे की जमीन पर खेती करते हैं, तो ऐसे में क्या वह इस कल्याणकारी योजना का फायदा उठा सकते हैं या नहीं तो आइए इस लेख में जाने इस सवाल का जवाब विस्तार से.
अब तक कितनी किस्त जारी हो चुकी है?
भारत सरकार अब तक पीएम किसान योजना की 21 किस्तें जारी कर चुकी है, जिसमें 21वीं किस्त की राशि किसानों के खाते में 19 नवंबर 2025 भेजी गई थीं और अब किसान भाइयों को इंतजार से पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त का और इसी बीच योजना की पात्रता को लेकर किसानों के मन में कई सवाल उठते रहते हैं. सबसे बड़ा और आम सवाल यही है कि क्या दूसरों की जमीन पर खेती करने वाला किसान पीएम किसान योजना का लाभ ले सकता है या नहीं.
योजना को लेकर क्यों है किसानों में इतना भ्रम?
देश में बड़ी संख्या में ऐसे किसान है, जो अपनी जमीन न होने के बावजूद भी खेती करते हैं. कहीं में बटाई पर लेकर करते हैं, तो कहीं ठेके पर या मौखिक समझौते के आधार पर और ऐसे किसान भी खुद को मेहनती किसान मानते हैं और वह इस सरकारी योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, लेकिन योजना व नियमों की पूरी जानकारी न होने के कारण वह आवेदन कर देते हैं, जिसके बाद उनकी किस्त में रुकावट आ जाती है.
पीएम किसान योजना का मूल नियम क्या है?
पीएम किसान योजना का सबसे अहम नियम की बात करें, तो इस सरकारी योजना का लाभ उन किसानों को ही मिलता है, जिनके नाम पर कृषि भूमि दर्ज हो यानी की किसान का नाम राज्य सरकार के भूमि रिकॉर्ड खतौनी, जमाबंदी, पट्टा आदि में होना जरुरी है.
आसान शब्दों में कहें तो-
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खेत की जमीन किसान के नाम पर होनी चाहिए.
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जमीन खेती के योग्य होनी चहिए.
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किसान का नाम सरकारी भूमि रिकॉर्ड में दर्ज होना जरुरी है.
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अगर यह तीनों शर्तें पूरी होती हैं, तभी किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र माना जाता है.
दूसरों की जमीन पर खेती करने वाले किसान क्यों हैं अपात्र?
जिन किसानों की अपनी खुद की कोई जमीन नहीं है, वह दूसरे किसानों की जमीनों पर खेती कर रहे हैं, तो वह इन श्रेणियों में आते हैं-
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बटाईदार किसान
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ठेके पर खेती करने वाले किसान
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बिना लिखित लीज के खेती करने वाले किसान
इस तरह के मामलों में किसानों का नाम जमीन के सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होता है और यहीं कारण होता है कि पीएम किसान योजना के लिए यह किसान पात्र नहीं माने जाते, भले ही वह वर्षों से खेती कर रहे हो.
किन किसानों को योजना से बाहर रखा गया है?
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आयकर दाता किसान को इस सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
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अगर किसान केंद्र या राज्य सरकार के कर्मचारी है वह किसान भी इस योजना का फायदा नहीं उठा सकते.
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अगर किसान सेवानिवृत्त उच्च पदस्थ अधिकारी है.
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इसके अलावा डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे पेशेवर वाले लोग भी इय योजना के पात्र नहीं होंगे.
क्यों अटक सकती है किस्त?
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आधार कार्ड और बैंक खाते में नाम का मिलान न होना. इस कारण भी आपकी किस्त रोकी जा सकती है.
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अगर आधार का बैंक खाते से लिंक नहीं है तब भी किस्त रुक सकती है.
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अगर आपने भूमि रिकॉर्ड में गलती या अपडेट नहीं कि है तो भी आप की किस्त रुक सकती है. यदि आपने e-KYC पूरी नहीं की है.
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अगर आपका गलत बैंक खाता संख्या या IFSC कोड दर्ज है तो भी किस्त अटक सकती है.
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अगर आपने समय पर सत्यापन नहीं करवाया है. इस कारण भी किस्त का पैसा रुक सकता है.
लेखक: रवीना सिंह
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