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महाराष्ट्र के बाद ओडिशा किसान मोर्चे पर...


कर्जमाफी समेत कई मांगों को लेकर महाराष्ट्र में 30 हजार किसानों के विशाल मार्च को मिली सफलता से उत्साहित होकर ओडिशा में करीब 15 हजार किसान सोमवार को राजधानी भुवनेश्वर में इकट्ठा हुए। यही नहीं करीब 180 किसान अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी मांगों में कर्जमाफी और गरीब किसानों को पेंशन प्रमुख है।


किसानों का कहना है कि राज्य सरकार अपने बजट में 21600 करोड़ रुपये ओडिशा के 55 लाख गरीब किसानों को प्रतिमाह 5 हजार रुपये पेंशन देने के लिए आंवटित करे। इनमें से 36 लाख बहुत गरीब हैं और विकास की मुख्यधारा से कटे हुए हैं। इन किसानों ने नवनिर्माण कृषक संगठन के बैनर तले भुवनेश्वर में विधानसभा के नजदीक प्रदर्शन किया। 

किसानों ने मांग की कि धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य को वर्तमान के 1550 रुपये प्रति कुंतल से बढ़ाकर 3000 रुपये किया जाए। संगठन के राष्ट्रीय समन्वयक अक्षय कुमार ने कहा, 'राज्य सरकार हरेक कुंतल धान की खरीद पर 500 रुपये बोनस दे सकती है। हम सरकार से यह भी अपील करेंगे कि वह किसानों के कर्ज माफ करे।' 

महाराष्ट्र के किसानों के बारे में कुमार ने कहा, 'देशभर के किसानों की भी इसी तरह से मांग है। न केवल महाराष्ट्र, कच्छ से लेकर अरुणाचल प्रदेश और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे।' बता दें, 200 किलोमीटर पैदल चलकर मुंबई पहुंचा महाराष्ट्र के किसानों का आंदोलन पूरी तरह सफल रहा था। किसानों के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री के साथ चर्चा के बाद किसान नेताओं और सरकार के मंत्रियों ने आजाद मैदान में जमा किसानों को सरकार से मिला लिखित आश्वासन पढ़कर सुनाया। 

इसके बाद सोमवार को आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया गया। सरकार ने किसानों की सभी मांगों को एक समयबद्ध कार्यक्रम बनाकर पूरा करने का आश्वासन दिया। चर्चा के बाद राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटील, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन और पीडब्ल्यूडी मंत्री एकनाथ शिंदे किसान नेताओं के साथ आजाद मैदान आए और उन्होंने किसानों की सभी मांगें मान लिए जाने की घोषणा की थी। 



English Summary: Odisha peasant front after Maharashtra ...

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