
Subsidy On Farm Equipment: खेती को आधुनिक और आसान बनाने की दिशा में मध्य प्रदेश सरकार ने एक बार फिर किसानों को राहत दी है. राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कृषि यंत्र अनुदान योजना 2025 के तहत किसान अब उन्नत कृषि यंत्रों पर 30% से 50% तक की सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं. इस योजना का उद्देश्य खेती में लगने वाली लागत को कम करना और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है. आवेदन की आखिरी तारीख 8 अप्रैल 2025 तय की गई है.
क्या है योजना की खासियत?
इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार किसानों को खेती में उपयोग होने वाले विभिन्न आधुनिक कृषि यंत्रों पर भारी छूट दे रही है. यंत्र के प्रकार के अनुसार सब्सिडी की राशि 40,000 से 60,000 रुपए तक हो सकती है.
किन यंत्रों पर मिलेगी सब्सिडी?
योजना के अंतर्गत मिलने वाले यंत्रों की सूची लंबी है. इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- पैडी स्ट्रॉ चॉपर
- श्रेडर
- मल्चर
- रोटरी स्लेशर
- हाइड्रोलिक हल
- बेलिंग मशीन
- क्रॉप रीपर
- स्ट्रॉ रेक
- पावर स्प्रेयर / बूम स्प्रेयर
- लेजर लैंड लेवलर
- सबसॉइलर
- फर्टिलाइजर ब्रॉडकास्टर
- पल्वराइज़र
इन सभी यंत्रों की पूरी लिस्ट आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है.
आवेदन कैसे करें?
- किसान कंप्यूटर सेंटर पर जाकर या ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.
- ऑनलाइन आवेदन के लिए वेबसाइट: (farmer.mpdage.org)
किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
- आधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण
- भूमि स्वामित्व के दस्तावेज
- ट्रैक्टर पंजीकरण (अगर ट्रैक्टर-चलित यंत्र खरीदना है)
- सुरक्षा राशि का डिमांड ड्राफ्ट (जिले के सहायक कृषि अभियंता के पक्ष में)
चयन प्रक्रिया: लॉटरी और ऑन-डिमांड मॉडल
इस योजना में किसानों का चयन दो मॉडलों से किया जाएगा:
- लॉटरी मॉडल – आवेदन करने के बाद चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा. चयन न होने पर डीडी वापस कर दिया जाएगा.
- ऑन-डिमांड मॉडल – कुछ यंत्रों के लिए लॉटरी की जरूरत नहीं होगी. इस मॉडल में आवेदन करने वालों को बजट उपलब्धता के आधार पर सीधा लाभ मिलेगा और चयन की सूचना SMS के जरिए दी जाएगी.
क्यों जरूरी है यह योजना?
खेती में मजदूरों की लागत लगातार बढ़ रही है और परंपरागत तरीकों से काम करना अब महंगा और समय-खपाऊ हो गया है. ऐसे में मशीनों का इस्तेमाल न केवल काम को आसान बनाता है बल्कि उत्पादन भी बढ़ाता है. राज्य सरकार की यह पहल किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम है.
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