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“फार्ममित्र” से जानिए मृदा परीक्षण से क्या मिलेंगे लाभ ?

भारत के अग्रणी जनरल बीमा कंपनी के रूप में, बजाज एलियांज जनरल इंश्योरेंस अपने उत्पादों और बीमाओं से परे सेवाओं की विस्तृत श्रृंखला के माध्यम से संपूर्ण देश के विभिन्न भागों में लोगों के साथ-साथ कॉर्पोरेट सेक्टर की आवश्यताओं को पूरा करने में तत्पर है। ‘बीमा से परे सेवा’ का दृढ़ उद्देश्य अपने कस्टमरों की मदद करना है; विशेष रूप से किसान बंधुओं का जिनके लिए हमने इस अनोखे प्लेटफार्म यानि “फार्ममित्र” विकसित किया है। फार्ममित्र के माध्यम से, हमारा लक्ष्य किसानों को न केवल उनके फसल बीमा के बारे में सूचित करना है, बल्कि कृषि कार्य से संबंधित व्यक्तिगत सूचनाएं उपलब्ध कराते हुए उनके फसल उत्पादन को बढ़ाने में मदद करना है

सभी क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध फार्ममित्र ऐप किसानों के लिए मददगार साबित होगा और उन्हें उनके बीमा पॉलिसी, सर्वेक्षक की नियुक्ति, दस्तावेजों को पेश करने, दावे के भुगतान आदि की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त करने में मदद करेगा। ऐप के माध्यम से किसान कोई भी प्रश्न पूछ सकते हैं और पूर्व-निर्धारित समय-सीमा के भीतर हमारे विशेषज्ञों से उत्तर प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, यह ऐप किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे पीएमएफबीवाई, पीएम-जेएवाई, पीएमकेएसवाई, पीएमकेवीवाई आदि और महत्वपूर्ण कृषि आधारित कार्यक्रमों जैसे कृषि प्रदर्शनी, प्रशिक्षण आदि के बारे में जानकारी प्राप्त करने में मदद करेगा।            

आज 'कृषि जागरण' के माध्यम से, हम लेके आये हैं मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन पर एक विशेष श्रृखंला। आज के इस लेख में हम विस्तृत में जानकारी लेंगे “मृदा परीक्षण” के बारे में। क्या आपको लगता हैं  की “मृदा परीक्षण” हर एक खेत की जरूरत है?

कृषि-कार्य आजकल अत्यंत गहन हो गया है, वर्तमान समय में अधिकांश युवा किसान सोचते हैं कि खेत के प्रति इकाई क्षेत्र से, अधिक से अधिक फसल कैसे उगाई जाएं? जब हम सामान्य रूप से मृदा के पोषक तत्वों के प्रबंधन पर विचार करते हैं तो बिना मृदा जांच के किसी भी प्रकार की अनुशंसाओं को लागू करना अत्यंत कठिन प्रतीत होता है। उर्वरकों के माध्यम से पोषक तत्वों की आपूर्ति बेहतर पैदावार प्राप्त करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं, लेकिन मृदा की गुणवत्ता में क्रमिक ह्रास के कारण इस प्रकार के सतत उपलब्धि को बनाएं रखना कठिन होता जा रहा है। विशेष रूप से भारतीय किसानों के लिए उपयुक्त प्रकार के उर्वरकों के बारे में जानकारी मिलना बहुत कठिन है, जो उनके खेत की मिट्टी को आवश्यक पोषण प्रदान करें।

किसी को भी पोषक तत्वों की आपूर्ति करने वाले उर्वरकों का चयन करने से पहले फसल की आवश्यकताएं, बुआई का क्षेत्र, पौधों के बीच की दूरी या पौधों की संख्या, सिंचाई के स्रोत और मिट्टी के गुणों पर विचार करना चाहिए। मिट्टी के गुणों को मुख्य रूप से भौतिक, जैविक और रासायनिक में बांटा जा सकता है। मिट्टी के एक नमूने का विश्लेषण कर इसके संघटकों के बारे में और फिर भौतिक स्थिति के बारे में जानने के लिए किया जा सकता है, इसमें मौजूद सूक्षम्जीवों की संख्या का पता लगाकर इसके जैविक शक्ति और पोषक स्तर, पीएच ( pH ) के बारे में जाना जा सकता है; pH के बारे में जानकर इसकी रासायनिक प्रकृति ज्ञात की जा सकती है। मिट्टी की जांच के मुख्य रूप से चार चरण होते हैं: नमूना लेना; विश्लेषण करना; परिणामों की व्याख्या करना और अंत में अनुशंसा यानी सिफ़ारिश करना। मिट्टी की जांच इसकी उर्वरता के स्तर का निर्धारण करने में मदद कर सकती है, और पोषक तत्वों के कमी, संभावित विषाक्त पदार्थों और ट्रेस मिनरल की उपस्थिति की पहचान कर सकती है। इन तथ्यों की पहचान हमें विभिन्न भागों में मिट्टी की गुणवत्ता में ह्रास के विभिन्न चरणों को पहचानने में मदद कर सकती है। यदि हम सूचना एकत्र करते हुए नियमित रूप से विशिष्ट क्षेत्रों पर ध्यान देते रहें, तो हम फसलों के चयन के अनुसार बेहतर फसल योजना और उर्वरक प्रबंधन विकसित कर सकते हैं।

मृदा परीक्षण (मिट्टी जांच) से क्या लाभ हो सकते हैं?

मिट्टी की जांच रिपोर्ट नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम और सूक्ष्म पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए उचित उर्वरकों के इस्तेमाल के लिए सिफ़ारिश करने में मदद कर सकती है।

मिट्टी की जांच के माध्यम से फसल की सूक्ष्म पोषक आवश्यकताओं का निर्धारण किया जा सकता है।

यह एक उपयोगी पोषक तत्वों के समुचित प्रबंधन में सहायक है।

उर्वरकों की सटीक मात्रा को मिट्टी में मिलाने से मिट्टी की विषाक्तता को नियंत्रित किया जा सकता है।

मिट्टी की जांच रिपोर्ट के माध्यम से फसलों के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता को वैज्ञानिक रूप से किया जा सकेगा।

इसीलिए हमें लगता हैं की, मिटटी की जांच करना अत्यावश्यक हैं और हर एक खेत की जरूरत है। हम से जुड़े रहे फार्ममित्र मोबाइल एप्लिकेशन पर कृषि, पशुधन और फसल बीमा के बारे में नवीनतम जानकारी जानने के लिए।

लेखक:

1) आशीष अग्रवाल, प्रमुख, कृषि विभाग, बजाज एलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लि. येरवडा, पूना, महाराष्ट्र।

2)  प्राजक्ता पाटील, कृषि विशेषज्ञ, फार्ममित्र टीम, कृषि विभाग, बजाज एलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लि. येरवडा, पूना, महाराष्ट्र।


Farmitra ऐप को डाउनलोड करने के लिए गूगल प्ले स्टोर पर जाकर Farmitra सर्च करें।  



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