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Budget 2022 को लेकर कृषि जागरण ने आयोजित किया वेबिनार, जानिए एक्सपर्ट्स की राय

आगामी बजट को लेकर किसानों की क्या मांग और उम्मीदें हैं? इस पर कृषि जागरण ने वेबिनार आयोजित किया, जिसमें “केंद्रीय बजट 2022-23 से कृषि क्षेत्र की अपेक्षाएं” पर चर्चा की गई. इस दौरान कई एक्सपर्ट्स जुड़े, जिन्होंने अपने विचार साझा किए. इस वेबिनार का मुख्य उद्देश्य आगामी बजट में कृषि को कितना और क्या मिलना चाहिए.

प्राची वत्स
बजट 2022 को लेकर कृषि जागरण ने आयोजित किया वेबिनार
बजट 2022 को लेकर कृषि जागरण ने आयोजित किया वेबिनार

आगामी बजट 2022-23 पेश होने में महज चन्द दिन बाकी है. ऐसे में बजट को लेकर चारों तरफ कई विषयों पर चर्चा जोर-शोर से चल रही है. वहीं, एक्सपर्ट्स द्वारा कृषि क्षेत्र को लेकर कई अनुमान लगाए जा रहे हैं. ऐसे में अब देखना है कि आने वाले समय में किसका अनुमान कितना सही निकलता है.

आज इसी विषय पर चर्चा करने और आगामी बजट को लेकर किसानों की क्या मांग और उम्मीदें हैं? इस पर कृषि जागरण ने वेबिनार आयोजित किया, जिसमें  “केंद्रीय बजट 2022-23 से कृषि क्षेत्र की अपेक्षाएं” पर चर्चा की गई.  

इस दौरान कई एक्सपर्ट्स जुड़े, जिन्होंने अपने विचार साझा किए. इस वेबिनार का मुख्य उद्देश्य आगामी बजट में कृषि को कितना और क्या मिलना चाहिए, इस पर चर्चा की गई. इस वेबिनार की शुरुआत कृषि जागरण की बिज़नेस डेवलपमेंट मैनेजर, खिली धवन ने की. सत्र मध्यस्थ (Session Moderator) की भूमिका निभाते हुए कृषि जागरण के संस्थापक और प्रधान संपादक एम सी डोमिनिक ने वेबिनार को आगे बढ़ाया. तो चलिए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि इस वेबिनार के दौरान आगामी कृषि बजट को लेकर किसने क्या कहा?

जैसा की हम सब जानते हैं कि कृषि जागरण आज के समय में एक ऐसा ऐसा इकलौता माध्यम है, जो किसानों के हक में मजबूती से अपनी बात रखता है और किसानों को अपनी बात रखने का सबसे पहले मौका भी देता है. इसी क्रम में हमारे पहले वक्ता मध्य प्रदेश के किसान थे.

गगन सिंह राजपूत, किसान: मध्यप्रदेश से आए गगन सिंह ने वेबिनार के दौरान अपने साथ-साथ अन्य किसानों की समस्या और मांगों को सबके समक्ष रखते हुए कहा कि आगामी बजट में किसानों के लिए कम से कम 80% तक का लाभ देने के लिए सरकार से अनुरोध किया. साथ ही गगन सिंह ने फिक्स MSP की भी मांग की. उनका कहना है कि किसानों को लागत के अनुसार मुनाफा नहीं मिल पाता है. इसके लिए उन्होंने सरकार से अनुरोध करते हुए कहा कि तय MSP होना किसानों के लिए अत्यंत आवश्यक है. इससे ना सिर्फ किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि मंडियों में किसानों के शोषण पर भी रोक लगेगी.

डॉ. खेम चंद, प्रधान वैज्ञानिक, आईसीएआर - राष्ट्रीय कृषि अर्थशास्त्र और नीति अनुसंधान संस्थान: इन्होंने वेबिनार के दौरान प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत बजट बढ़ाने, कृषि मशीनरी और सूक्ष्म सिंचाई की लागत को कम करने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा. साथ ही सरकार और किसान भाइयों से नई तकनीक जैसे ड्रिप इरीगेशन, सोलर एनर्जी, और कास्ट कटाई जैसी किफायती चीजों पर ध्यान केन्द्रित करने को कहा. उन्होंने कृषि कानून बिल पर मजबूती से अपनी बातों को रखते हुए कहा कि इसमें सरकार और किसान संगठनों को साथ मिलकर काम करना चाहिए, क्योंकि ये किसान और सरकार, दोनों  के लिए लाभदायक साबित होगा.

श्री. नरिंदर वाधवा, संस्थापक और प्रबंध निदेशक, एसकेआई कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड और एसकेआई ग्रुप: नरिंदर वाधवा ने पोस्ट हार्वेस्ट पर सरकार का ध्यान खींचते हुए कहा कि हमारे देश में प्री-हार्वेस्ट की पूरी तैयारी है, लेकिन पोस्ट हार्वेस्ट सेक्टर में हम आज भी पीछे चल रहे हैं. उन्होंने कृषि सेक्टर में इंफ्रास्ट्रक्चर की बात कही, जैसे- वेयरहाउस, कोल्ड् स्टोरेज, गोदामों की कमी. जिससे किसान अपनी फसल को 10-15 दिनों के लिए भी सुरक्षित नहीं रख पाते हैं. उन्होंने कृषि जागरण के माध्यम से सरकार तक ये बात पहुंचाने की कोशिश की.  

श्री. प्रसन्ना राव, प्रबंध निदेशक और सह-संस्थापक, Arya.ag : श्री प्रसन्ना राव ने कहा कि एग्री-क्षेत्र में किसने क्या उपलब्धियां हासिल की है, इस पर अपनी बात अपनी रखी. उन्होंने आगे कहा कि कृषि क्षेत्र में डिजिटिकरण का होना बहुत जरुरी है. यह किसानों को सही समय पर लोन से लेकर फसल की बिक्री तक में मदद करेगा. इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण की बात कही और  कृषि क्षेत्र में या जो महिलाऐं FPO से जुड़ी हैं, उनकी तारीफ की.  

श्री.सतीश तिवारी, वरिष्ठ महाप्रबंधक, प्रमुख विशेषज्ञ विपणनकोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड: इन्होंने किसानों की आय को लेकर मुख्य बिन्दुओं के सभी के समक्ष रखते हुए कहा कि सरकार प्रोडक्ट और उनके कास्ट पर विशेष ध्यान दे. ताकि इससे किसानों को पूरा लाभ मिल सके. जिसके लिए उन्होंने किसानों को कई सुझाव भी दिए. उन्होंने ने वेबिनार के दौरान भी कई किसानों की मदद की.

श्री. सुयोग कुलकर्णी, संस्थापक, खेत आधार प्राइवेट लिमिटेड: सुयोग ने दूसरे देशों में कृषि को लेकर जिन योजनाओं का पालन हो रहा है, उन योजनाओं को भारत में भी लागू करने की जरुरत है. उन्होंने उदहारण के तौर पर कहा कि ऑस्ट्रेलिया में अगर कोई किसान अलग कृषि यंत्र से खेती करता है, तो उसकी फसल सरकार द्वारा सुरक्षित कर दी जाती है. जिससे किसानों को प्रोत्साहन मिलता है.  उन्होंने नई और विकसित टेक्नोलॉजी पर भी अधिक से अधिक ध्यान देने की आग्रह किया. 

धन्यवाद प्रस्ताव, श्रुति जोशी निगम, कंटेंट मैनेजर  (हिंदी), कृषि जागरण: वेबिनार के अंत में श्रुति जोशी निगम ने उपस्थित सभी अतिथिगण को कार्यक्रम में जुड़ने की लिए कोटि-कोटि धन्यवाद किया.

English Summary: Krishi Jagran organized webinar regarding Budget 2022, know the opinion of experts Published on: 29 January 2022, 03:55 PM IST

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