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ब्राजील में घुलने वाली है देसी चीनी की मिठास, जानिए कैसे?

कंचन मौर्य
कंचन मौर्य
Agriculture News

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भारत के गन्ना उत्पादकों के लिए एक खुशखबरी है. दरअसल, भारत ने चीनी एक्सपोर्ट करने के लिए ब्राजील के साथ एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है. ऐसा पहली बार हुआ है, जब भारत के चीनी व्यापारियों ने शिपमेंट तैयार होने से 5 माह पहले ही डील कर ली है.

ऐसा इसलिए हो पाया है, क्योंकि ब्राजील के किसानों ने भी मौसम की काफी मार झेली है. इस कारण गन्ना उत्पादन में काफी गिरावट का अनुमान है. सूत्रों का कहना है कि गन्ना उत्पादन आने वाले गिरावट की संभावना को देखते हुए ब्राजील ने एडवांस में व्यापारियों से डील की है.

इस बार गन्ना फसल को हुआ नुकसान

दुनियाभर में सबसे बड़े गन्ना उत्पादक और चीनी निर्यातक देश भारत में सूखा और पाला पड़ने से भारी नुकसान हुआ है. इस कारण फसल के उत्पादन में काफी गिरावट आने की संभावना है. उनका कहना है कि गन्ने के उत्पादन में गिरावट की आशंका है, इसलिए ब्राजील में चीनी के दाम 3 साल के सबसे उच्चतम स्तर पर आ गए हैं. ऐसे में भारत से एडवांस में ही एक्सपोर्ट एग्रीमेंट साइन करके चीनी की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है.

फ्री ऑन बोर्ड के आधार पर होगा एक्सपोर्ट

सूत्रों से जानकारी मिली है कि कच्चे चीनी का निर्यात दिसंबर और जनवरी के बीच 500,000 टन फ्री ऑन बोर्ड के आधार पर किया जाएगा. इसके लिए 435 डॉलर और 440 डॉलर प्रति टन के बीच कॉन्ट्रैक्ट साइन हुआ. एमईआईआर कमोडिटीज इंडिया के एक अधिकारी का कहना है कि भारत में चीनी मिल 3 से 4 महीने के बाद उत्पादन शुरू करेंगी, लेकिन व्यापारियों द्वारा  दिसंबर-जनवरी शिपमेंट के लिए नए सीजन की कच्ची चीनी पहले ही बेच दी गई है.

एमएसपी पर होती है गन्ना खरीद

आमतौर पर भारत के चीनी व्यापारी सरकार द्वारा विदेशी बिक्री के लिए निर्यात सब्सिडी की घोषणा के 1 या 2 माह पहले ही किसी देश के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन करते हैं. इसके साथ ही सरकार द्वारा तय की गई एमएसपी पर ही भारतीय चीनी मिलें गन्ना खरीदती हैं. बता दें कि पिछले 3 सालों से केवल सब्सिडी की मदद से चीनी बेचने में सक्षम हैं. हालांकि, वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी हुई. बता दें कि चालू 2020/21 विपणन वर्ष 30 सितंबर समाप्त होने वाला है, तब भारत रिकॉर्ड में 7 मिलियन टन चीनी निर्यात करने के लिए तैयार है.     

ब्राजील में बर्बाद हुई गन्ना की फसल

ब्राजील में मौसम काफी खराब रहा है, इस कारण नवंबर से अप्रैल के बीच विश्व बाजार में चीनी आपूर्ति काफी प्रभावित हुई है, इसलिए शायद भारत से चीनी खरीदार चीनी संग्रहित करने के लिए इंपोर्ट कर रहे हैं. हाल ही में ठंड के कारण ब्राजील के कुछ हिस्सों में गन्ने की फसल को काफी नुकसान हुआ है.

English Summary: indian traders have signed sugar export contract with brazil

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