अगर अगली पीढ़ी के किसानों को साथ नही लिया तो वो खेती छोड़ देंगे : शेखावत

कृषि राज्य मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज कहा कि कृषि संबंधी ज्ञान और जानकारियों को इस तरह से व्यवस्थित करने का प्रयास करने की आवश्यकता है कि अगली पीढ़ी के किसानों को यह आसानी से उपलब्ध हो सके। मौजूदा समय में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के तहत आने वाले कृषिक्षेत्र के ज्ञान प्रबंधन निदेशालय (डीकेएम)  को आईसीएआर की प्रौद्योगिकियों, नीतियों और अन्य गतिविधियों का विभिन्न अंशधारकों को प्रसार करने का अधिकार है। शेखावत ने एक कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमें तेजी से बदलती दुनिया के साथ तालमेल बनाने की आवश्यकता है। हमारे पास कृषि क्षेत्र के संबंध में अपार जानकारियां हैं और हम इनका पारंपरिक तौर पर प्रसार करते रहे हैं। अब हमें अगली पीढ़ी के किसानों को ध्यान में रखकर सोचने की आवश्यकता है जिनके पास इंटरनेट और फोन हैं।’’उन्होंने कहा कि इंटरनेट और मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए नये कृषि क्षेत्र के खोजों, प्रौद्योगिकियों और नीतियों से संबंधित आंकड़ों को इस तरह से तैयार किया जाना चाहिये कि वे आसानी से उपलब्ध हो सकें और उनका इस्तेमाल किया जा सके। 

कृषि राज्यमंत्री शेखावत ने कहा कि अगली पीढ़ी के किसानों को साथ लिए जाने की आवश्यकता है अन्यथा वे खेती को छोड़ देंगे।उन्होंने कहा कि खेती का काम व्यापक जानकारियों से युक्त गतिविधियों भरा काम है तथा किसानों को हर मोड़ पर मदद की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि कृषि संबंधी जानकारियों के बेहतर प्रबंधन और प्रसार से कृषि क्षेत्र बढ़ेगा और किसानों के जीवन स्तर में सुधार आयेगा। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की वर्ष 2022 तक आय दोगुनी करने के लक्ष्य को भी हासिल करने में मदद मिलेगी। जानकारी प्रबंधन निदेशालय (डीकेएम) द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय कार्यशाला में भारत में कृषि जानकारी प्रबंधन के बारे में जानकारियां दी जायेंगी और एक प्रारूप तैयार किया जायेगा।

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