News

आलू उत्पादन में दिखी दिलचस्पी, 1200 किसानों ने की 30,000 क्विंटल बीज की मांग

Potato production

इस बार प्याज की कीमतों की तरह आलू की कीमतों में भी खूब इजाफ़ा हुआ है. किसानों को इसका पूरा मुनाफ़ा भी मिला है. ऐसे में अब हरियाणा के किसानों का रुझान आलू की तरफ होने लगा है. उन्होंने सरकार से कहा है फसल विविधिकरण करना है, सरकार को आलू के बीज पर सब्सिडी देना चाहिए. किसानों का कहना है कि देशभर में आलू की मांग बढ़ रही है, इसलिए किसान गेहूं को छोड़ आलू अपनाने को तैयार हैं. आलू उगाने वाले किसानों के साथ अन्याय न हो, इसके लिए अब सरकार को दूसरी सब्जियों की तरह आलू पर भी सब्सिडी देना चाहिए. बता दें कि जल्द ही हरियाणा सरकार बजट पेश करने जा रही है. ऐसे में आलू उगाने वाले किसानों ने उम्मीद लगाई है कि बजट में उनकी तरफ भी पूरा ध्यान दिया जाए.

1 एकड़ में 100 क्विंटल आलू का उत्पादन

अगर आलू उत्पादन की बात की जाए, तो किसानों को 1 एकड़ में लगभग 100 क्विंटल आलू का उत्पादन प्राप्त होता है. इसी कड़ी में अब तक पोटेटो टेक्नोलॉजी सेंटर शामगढ़ में लगभग 1200 किसानों ने बीज के लिए आवेदन कर दिया है. जिसको देखकर लग रहा है कि अधिकतर किसान आलू उगाना चाहते हैं. ऐसा पहली बार हो रहा है, जब किसान इतनी बड़ी संख्या में आवेदन कर रहे हैं. किसानों की मांग को पूरा करने के लिए सेंटर ने भी पूरी तैयारियां कर ली हैं. सेंटर ने बीज बांटने के लिए ड्रॉ सिस्टम योजना बनाई है.

राज्य में कई किसान उगाते हैं आलू

हरियाणा के कई जिलों में किसान आलू की खेती करते हैं. राज्य में लगभग 250 किसान ऐसे हैं, जो आलू के बीज को तैयार करके दूसरे राज्यों में भेजते हैं. इन राज्यों में बंगाल, गुजरात, कर्नाटक समेत कई अन्य राज्य शामिल हैं. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और पंजाब भी अधिक संख्या में आलू के बीज को तैयार करते हैं.

यहां के किसानों को मिलती है सब्सिडी

जानकारी के लिए बता दें कि करनाल के घरौंडा, सिरसा के मंगियाना, गुरुग्राम और रोहतक में किसानों को सब्जियों की पौध दी जाती है, जिन पर किसानों को सब्सिडी मिलती है. ऐसे में हरियाणा किसानों की मांग है कि उन्हें भी आगामी बजट में आलू के बीज पर सब्सिडी दी जाए, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ सके.    



English Summary: haryana farmers demand 30,000 quintal potato seeds

Share your comments


Subscribe to newsletter

Sign up with your email to get updates about the most important stories directly into your inbox

Just in