अगर आप किसान है और गेंहू की खेती करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद ही खास है. आज उत्तर प्रदेश की राजधानी में आयोजित उच्चस्तरीय कैबिनेट बैठक में योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राज्य सरकार ने किसानों, ऊर्जा क्षेत्र और निवेश को लेकर कई बड़े और प्रभावशाली फैसले लिए और सबसे बड़ा फैसला लिया किसानों के हित में जिसमें सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को मंजूरी दी. यह बैठक न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि इससे राज्य के विकास की दिशा में नए संकेत भी मिले हैं.
किसानों के लिए बड़ी राहत
आज की इस बैठक का सबसे प्रमुख और चर्चित निर्णय किसानों से जुड़ा रहा. सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है. कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा गेहूं का एमएसपी 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है.
इस फैसले से राज्य के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है. सरकार का मानना है कि इससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी. साथ ही, यह कदम कृषि क्षेत्र को मजबूती देने में भी अहम भूमिका निभाएगा.
खरीद प्रक्रिया और व्यवस्थाएं
सरकार ने गेहूं खरीद के लिए विस्तृत योजना भी तैयार की है. खरीद प्रक्रिया मार्च से शुरू होकर 15 जून तक चलेगी. राज्य के सभी 75 जिलों में लगभग 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो.
इसके अलावा, खरीद कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए आठ प्रमुख एजेंसियों को जिम्मेदारी दी गई है. इनमें भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई), यूपी मंडी परिषद, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, नैफेड और एनसीसीएफ शामिल हैं. सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाए.
ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा निवेश
ऊर्जा क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. ऊर्जा मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने झारखंड के दुमका में लगभग 2242.90 करोड़ रुपये की लागत से कोल ब्लॉक खरीदा है. इस कोल ब्लॉक से घाटमपुर में स्थापित 660 मेगावाट की तीन बिजली इकाइयों को कोयले की आपूर्ति की जाएगी.
उन्होंने बताया कि अभी तक कोयला दूर-दराज क्षेत्रों से मंगाना पड़ता था, जिससे उत्पादन लागत अधिक आती थी. लेकिन अब झारखंड से सीधी आपूर्ति होने पर बिजली उत्पादन सस्ता होगा. इसका लाभ आम उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिन्हें लगभग 80 पैसे प्रति यूनिट तक सस्ती बिजली मिलने की संभावना है.
सौर ऊर्जा को बढ़ावा
राज्य सरकार ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी एक नई नीति को मंजूरी दी है. इस नीति के तहत अयोध्या को “सोलर सिटी” के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसके साथ ही, राज्य के सभी नगर निगमों को भी चरणबद्ध तरीके से सोलर सिटी बनाने की योजना तैयार की गई है.
गोरखपुर के चिलुआ ताल में एक बड़े सोलर प्लांट की स्थापना का भी निर्णय लिया गया है. इस परियोजना को कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा विकसित किया जाएगा, जिसके लिए राज्य सरकार ने 80 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई है. यह कदम पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
लेखक: रवीना सिंह
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