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आलू संबंधित उद्योग लगाने पर पाएं पांच करोड़ का अनुदान, पढ़ें पूरी ख़बर

इंडियन पोटैटो ग्रोवर्स एंड एक्सपोर्ट सोसाइटी की बैठक में फर्रुखाबाद सहित पांच जिलों में आलू से जुड़े हुए उद्योगों की चर्चा की गई. इस चर्चा में आलू पर छाई मंदी को लेकर सरकार से आलू के उद्योगों की तरफ़ ध्यान देने की भी मांग की गई. सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर शुक्ल ने बताया कि केंद्र कि बीजेपी सरकार फर्रुखाबाद, आगरा, फिरोजाबाद, मेरठ और कानपुर में आलू पर आधारित उद्योग लगाने के लिए सरकार अब अनुदान देगी. आलू पर आधारित उद्योग के लिए सरकार अनुदान ग्रीन योजना के तहत पांच करोड़ का अनुगदान देगी. इसके अलावा प्रदेश सरकार (उत्तर प्रदेश) किसानों को अन्य सहूलियतें भी देंगी. प्रदेश में आलू की गिर रही कीमतों पर किसानों ने चिंता जताई है.

यूपी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कटियार ने बताया कि आलू की सस्ती कीमत को लेकर सरकार भी उतनी ही चिंतित है जितना की किसान. प्रदेश में ऑपरेशन ग्रीन चलाने के लिए बीते दिनों हुई बैठक में गहनता से चर्चा की गई. इस चर्चा में अजय गंगवार, रामकिशन, अरविंद राजपूत, भगवान सिंह गंगवार, राजू गुप्ता, गिरीशचंद्र द्विवेदी और संजय कटियार आदि गणमान्य मौजूद रहे.

अनुदान क्यों और किसे दिया जाता है ?

सरकार द्वारा दी गई आर्थिक सहायता को अनुदान कहते हैं, अगर हम इस सरल भाषा में कहें तो सरकार द्वारा किसी व्यक्ति ,उद्योग और संस्था को दिए गए राशि को अनुदान कहते हैं. यह आम तौर पर नगद, कर भुगतान या कटौती के लिए दी जाती है. सरकार का अनुदान देने का मुख्य मकसद लोगों पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ को काम करना होता है. इसे ज्यादातर लोगों को समाज की आर्थिक, सामाजिक नीतियों में सुधार के लिए दिया जाता है. बहुतायत बार अनुदान किसी कमजोर उद्योग के  बढ़ाने के लिए दिया जाता है. इसके अलावा किसी क्षेत्र में नुकसान हो रहा है वहां भी सरकार सहायता राशि देती है.

प्रभाकर मिश्र, कृषि जागरण



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