News

कृषि विकास के लिए एग्रोकेम फेडरेशन ऑफ इंडिया का गठन...

भारतीय कृषि को बेहतर बनाने के प्रयास लगातार जारी है. इसके लिए कृषि क्षेत्र की निजी कंपनियां, सरकारी विभाग और कृषि की विभिन्न एसोसिएशन प्रयासरत हैं. कृषि विकास का एक बड़ा हिस्सा कृषि रसायनों पर निर्भर करता है. क्योंकि सरकार का लक्ष्य 2022 तक कृषि उत्पादन बढाने और किसानों की आय दोगुना करने का है उसको पूरा करने में कृषि रसायन क्षेत्र की एक अहम भूमिका है. कीड़े एवं बीमारियों से फसलों के बचाव में कृषि रसायनों की अहम भूमिका होती है. जो कंपनियां कृषि रसायनों का निर्माण एवं वितरण करती हैं, उनको भी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. कृषि रसायन क्षेत्र को बढ़ावा देने और इस तरह की समस्याओं से निपटने के लिए एग्रोकेम फेडरेशन ऑफ़ इंडिया का गठन सोसाइटीज एक्ट XXI के तहत 6 जून 2017  को किया गया. इस समय इस फेडरेशन में 11 मुख्य कृषि रसायन कंपनी सदस्य है. इसके अलावा और कृषि रसायन कंपनियां भी जल्द ही इस फेडरेशन का हिस्सा होंगी.

फिक्की द्वारा आयोजित एक सेमीनार में इस फेडरेशन को 5 जुलाई 2017 को चंडीगढ़ में डॉ. अर्जुन सिंह सैनी, डायरेक्टर जनरल हॉर्टिकल्चर, हरियाणा सरकार, डॉ. डी. कानूनगो, अध्यक्ष, साइंटिफिक पैनल ऑन पेस्टिसाइड रेसिड्यूज एंड वेट्रीनरी ड्रग्स (एफएसएसएआई) के द्वारा लांच किया गया. कृषि रसायन क्षेत्र में लम्बे समय से कार्य कर रहे विपिन सैनी को इस फेडरेशन का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मनोनीत किया गया. यह फेडरेशन कृषि से सम्बंधित 14 मुख्य बिंदुओं पर कार्य करेगी. 

1- यह फेडरेशन कृषि आधारित उद्योग जिसमें कृषि रसायन खाद बीज, बायोसाईड, बायोपेस्टिसाइड, फार्म मशीनरी और अन्य सम्बंधित क्षेत्रो को क़ानूनी एवं नीतिगत मामलों में सहायता करेगी, जिसके लिए फेडरेशन केंद्र एवं राज्य सरकारों , सरकारों से जुड़े हुए विभागों किसान समूहों और अन्य सम्बंधित लोगो से विचार विमर्श करके हल ढूंढेगी.

2- सदस्य कंपनियों को निर्माण आयात-निर्यात आदि के क्षेत्र में प्रसाशनिक एवं तकनिकी सहयोग प्रदान करेगी. 

3- देश की कृषि क्षेत्र को मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए गुणवत्तायुक्त कृषि अदान्नो को किफायती कीमतों में उपलब्ध कराने के लिए प्रयास करेगी.

4- भारतीय किसानों को मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय नीतियों के बदलाव में सहयोग करेगी.

5- पूरी तरह से सरकार द्वारा चलाए जा रहे कैम्पेन सुरक्षित खाद्यान्न उगाना, 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करना, कौशल विकास से कृषि विकास ओर मेक इन इंडिया आदि विषयों सक्रियता से भाग लेकर इनको को बढ़ावा देगी.

6- यूनाइटेड नेशन के टिकाऊ विकास लक्ष्य को अपनाएगी और 2030 तक इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पारदर्शी एवं सक्षम निति नियामक ढांचा बनाने में सहयोग करेगी.

7- इस फेडरेशन की सदस्य कंपनियां नवीन कृषि तकनीकों पर्यावरण मैत्री उत्पादों जो जन स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हों उनको बढ़ावा देगी.

8- यह एसोसिएशन ऐसे उत्पादों को हतोत्साहित करेगी जो लाल तिकोने लेबल वाले है, जिनको की जहरीलेपन में IR 1971 के तहत वर्गीकृत किया गया है. ऐसे उत्पादों को विश्वस्तर पर हटाया जा रहा है और ऐसे वैकल्पिक रसायन विज्ञान को उपलब्ध किया जा रहा है और सुरक्षित, आर्थिक सस्ती तकनिकी को बढ़ावा दिया जा रहा है.

9- किसानों को कृषि रसायनों का सही समय पर सही मात्रा में उपयोग, सही इस्तेमाल की तकनीक और सुरक्षित स्प्रे किट के इस्तेमाल के विषय में जागरूक करना इस फेडरेशन का मुख्य उद्देश्य है.

10- कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देकर किसानों की कृषि लागत को कम करने के लिए कार्य करना . 

11- किसानों को शिक्षित करने के लिए कृषक मीटिंग, सेमिनार, कांफ्रेंस और गोष्ठियों का आयोजन करना और सभी दावेदारों को शामिल कर किसानों और राज्य अधिकारीयों को शिक्षित करना भी इस फेडरेशन का लक्ष्य है.

12- एग्रोकेम फेडरेशन ऑफ़ इंडिया पूरी तरह से बीज, पीजीआर और कृषि रसायनों की खपत का डाटा रखने के लिए प्रतिबद्ध है. क्षेत्रवार और राज्यवार कीटों संक्रमण का डाटा को साझा करना प्राथमिकता है.  

13- एसीऍफ़आई कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय  द्वारा संचालित योजनाओं नेशनल हॉर्टिकल्चर मिशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड , कृषि वानिकी, स्टूडेंट रेडी प्रोग्राम इन एग्रीकल्चर एजुकेशन, प्रधानमंत्री सिंचाई योजना आदि को आगे बढाने के लिए प्रतिबद्ध है. 

14- डॉक्टर एवं ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मचारियों को पेस्टिसाइडस एंटी-डॉट्स के समय से और उचित मात्रा में उपयोग करने का ज्ञान देना. ताकि पेस्टिसाइड को जानबूझकर या आकस्मिक खाए जाने पर उसके विषाक्तीकरण को खत्म किया जा सके. एसीएफआई द्वारा यह एक अनूठी शुरुआत है. 



Share your comments