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खेती हड़ताल का मास्टर स्ट्रोक के साथ किसान करेंगे राजनीतिक दलों का बहिष्कार

कंचन मौर्य
कंचन मौर्य
Kheti Hadtaal

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दिल्ली में चल रहे तीन नए कृषि कानूनों (Farm Bill 2020) को रद्द कराने की खातिर किसान संगठनों के नेता पूरा जोर लगा रहे हैं कि केंद्र सरकार पर नए कृषि कानून (Farm Bill 2020) वापस लेने का दबाव बनाया जा सके. इसी बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हम फसलें जला देंगे. इसके बाद भारतीय किसान यूनियन की हरियाणा इकाई के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि अब हम 'खेती हड़ताल' करेंगे. इसके साथ ही राजनीतिक दलों का बहिष्कार किया जाएगा.

उनका मानना है कि जब खेती हड़ताल होगी, तो शायद सरकार की नींद टूट सकेगी, क्योंकि अभी तक सरकार इस गलतफहमी में है कि आंदोलनकारी किसान हार-थक कर घार वापस लौट जाएंगे. मगर ऐसा नहीं होगा, क्योंकि अब किसान आंदोलन देश के हर हिस्से में पहुंच चुका है.

आपको बता दें, कि यह मास्टर स्ट्रोक भाकियू नेता रतनमान ने जींद के गांव खरक पूनिया में आयोजित हुई किसान महासभा में चलाया है. उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार को काले कृषि कानून वापस लेने ही होंगे. अब किसानों का आंदोलन खत्म नहीं होगा. हालाकिं, सरकार इस मुद्दे पर किसानों को मानने का प्रयास कर रही है.

किसान महापंचायत में रतनमान ने किसानों से कहा है कि अब किसानों को अपने आंदोलन को मजबूत करना होगा और इसके लिए 'खेती हड़ताल' शुरू करनी होगी. इसके अलावा सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं समेत सभी राजनीतिक दलों के नेताओं का विरोध करना होगा. इसकी रणनीति तैयार कर ली गई है.

उनका कहना है कि आज तक सभी सरकारों ने किसानों के नाम पर राजनीति की है, लेकिन अब किसान जागरूक हो चुका है. उन्होंने कहा कि अब भारतीय किसान यूनियन सभी राजनीतिक दलों का बहिष्कार करेगी.

English Summary: Farming strike will be done during the peasant movement

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