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बुवाई से पहले पता चलेगी फसल की कीमत और डिमांड, क्योंकि एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होंगे देश के सभी किसान

कंचन मौर्य
कंचन मौर्य
Agriculture News

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देश के किसानों का आय दोगुनी करने के लिए सरकार लगातार कई तरह के प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में सरकार किसानों को ऐसा मंच प्रदान करने वाली है, जिस पर देश के छोटे-बड़े किसान एक साथ जुड़ सकेंगे. जहां उन्हें समय पर कृषि और बाजार की जानकारी मिल सकेगी. इसके साथ ही किसान अपनी फसल भी आसानी से बेच सकेंगे.

दरअसल, कृषि मंत्रालाय खेती को स्मार्ट बनाने के लिए एग्रीस्टैक नाम से एक डिजिटल सेवा शुरू करने जा रही है. इसकी शुरुआत 7 राज्यों से हो रही है. इन राज्यों के लगभग 800 गांवों से किसानों और उनकी कृषि भूमि का डाटा एकत्र किया जाएगा. इसके बाद एक डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा.

हर कृषि भूमि को माना जाएगा एक यूनिट

मंत्रालय के डिजिटल एग्रीकल्चर प्रमुख संयुक्त सचिव विवेक अग्रवाल की मानें, तो इस प्रोजेक्ट के तहत हर कृषि भूमि को एक यूनिट माना जाएगा. इन सभी यूनिटों के डाटा प्वाइंट को एग्रीस्टैक से जोड़ा जाएगा और फिर पब्लिक व निजी क्षेत्र की सेवाओं को प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा.

कई कंपनियों के साथ करार

कृषि मंत्रालय ने इस प्लेटफॉर्म को तैयार करने के लिए पिछले अप्रैल माह से लेकर जून तक कई प्रतिष्ठित टेक कंपनियों माइक्रोसॉफ्ट कॉप, पतंजलि ऑर्गेनिक रिसर्च संस्थान, अमेजन वेब सर्विस, ईएसआरआई, स्टार एग्रीबाजार टेक्नोलॉजी लिमिटेड, इंडिया टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के साथ करार किया है. बता दें कि इस प्रोजेक्ट को लेकर केंद्र के स्तर पर प्रक्रिया की जा रही है.

दूर होगी किसानों की यह समस्या

अब तक कोई ऐसी व्यवस्था नहीं है, जिससे किसानों को पता चल सके कि फसल उगाने से पहले बाजार में उनके फसल की मांग कितनी है. सभी किसानों को अच्छी बारिश होने पर बंपर पैदावार की उम्मीद होती है, लेकिन ऐसे में कई बार किसानों को होलसेल दामों में बड़ी गिरावट का सामना करना पड़ता है. इस स्थिति में बदलाव लाने के लिए प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है.

खेती से जुड़ी हर जानकारी

एग्रीस्टैक के जरिए किसानों को एक यूनिट आईडी दी जाएगी, जो कि आधार नंबर से जुड़ी होगी. इस आईडी में किसानों के जमीन जानकारी रखी जाएगी. इसके साथ ही उस जमीन पर उगाई जाने वाली फसल की उपज की जानकारी भी शामिल होगी. इसके अलावा किसानों को केंद्र सरकार की तरफ से सभी लाभ भी मिलेंगे. इस प्रोजेक्ट के जरिए जमीनी स्तर का डाटा जुटाया जाएगा, ताकि सरकार किसानों को खेती से जुड़ी जानकारियां दे सके. जैसे क्या उगाना चाहिए, किस बाजार में फसलों की कीमत अच्छी है और कृषि लोन से लेकर बाजार भाव तक की हर जानकारी मिलेगी.

जानकारी के लिए बता दें कि पिछले 5 से 7 साल के अंदर कृषि क्षेत्र में एग्री-टेक स्टार्टअप कंपनियों ने 1.5 अरब डॉलर का निवेश किया है. एग्रीस्टैक के जरिए इस क्षेत्र में और निवेश का रास्ता खुल जाएगा.

English Summary: farmers of the country will be on the agristack platform

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