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Coronavirus: Lockdown और Metro Band का दिखा बड़ा असर, संक्रमण के मामलों में दिखी 1 लाख की कमी, मौतों की संख्या में भी आई बड़ी गिरावट

सचिन कुमार
सचिन कुमार

बहुत दिनों बाद कुछ अच्छी खबर सुनने को मिली है. बहुत दिनों बाद मायूस हुए चेहरे अब मुस्कुरा पाए हैं. बहुत दिनों बाद दिल को बड़ा सुकून मिला है. लगने लगा है कि अगर यह सिलसिला यूं ही जारी रहा, तो हालात जल्द ही दुरूस्त हो जाएंगे. जी हां....वो इसलिए कि कल तक कोरोना के जबरदस्त मामले को देख कर खौफजदा होने वाले चेहरे आज मामलों में आई बड़ी गिरावट को देखकर खिलखिला उठे हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे में कोरोना के मामले में तकरीबन 1 लाख तक की कमी आई है. वो इसलिए क्योंकि कल तक चार लाख के पार पहुंचने वाले कोरोना के मामले आज महज 3 लाख 11 हजार पर ही सिमट कर रह गए, जो कि हमारे लिए यकीनन राहतभरी खबर है. माना जा रहा है कि यह लॉकडाउन जैसे कड़े कदमों के उठाए जाने का ही नतीजा है कि मामलों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है.

मौत के मामलों में भी आई गिरावट

इतना ही नहीं, मौतों के मामलों में भी गिरावट आई है. कल तक 4 हजार के आंकड़े को भी पार करने वाले मौत के मामले आज महज 3500 पर आकर ही टिक गए. बेशक, अभी इस दिशा में हमें और काम करने की जरूरत है. हम सबको मिलकर कोरोना को हराना है. कोरोना हारेगा तभी देश जीतेगा. इस दिशा में लगातार कोरोना योद्धा प्रयासरत हैं. बता दें कि कोरोना के कहर के बीच चिकित्सककर्मियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मौत के मामले में कमी लाना थी. दरअसल, पिछले कुछ दिनों से मौत के मामले 4 हजार को पार करते हुए जा रहे थे, जिसे देखकर हर कोई चिंतित था.

इस बीच सुमचित उपचार उपलब्ध नहीं हो पाने की वजह से भी मौत के मामलों में इजाफा दिखा. अस्पतालों में ऑक्सीजन के अभाव में लोग दम तोड़ते हुए दिख रहे हैं. वहीं, आक्सीजन की किल्लत को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयासरत है. विदेशों से भी आक्सीजन की  कमी को पूरा किया जा रहा है. बीते दिनों इस्राएल, अमेरिका, फ्रांस जर्मनी समेत कई देश भारत की मदद करने के लिए आग आए हैं, मगर बड़े ही अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि अस्पतालों में अभी-भी आक्सीजन के अभाव में मरीजों के दम तोड़ने का सिलसिला जारी है. इस बीच सरकार समेत डॉक्टर इस सिलसिले पर विराम लगाने की अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं.

फिर से लगाना पड़ गया लॉकडाउन

वहीं, कोरोना के बेकाबू होते कहर को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने लॉकडाउन लगाने का फैसला राज्यों पर छोड़ दिया है. इस बीच राज्य सरकार अपने यहां की स्थिति को देखते हुए लॉकडाउन लगाने पर फैसला कर रही है. इस दौरान कई राज्य लॉक़डाउन की मार झेल रहे हैं.  इसमें वे सभी राज्य शामिल हैं, जहां कोरोना का सर्वाधिक कहर देखने को मिल रहा है, लेकिन लॉकडाउन लगने के बाद इन राज्यों में कोरोना के मामलों में कमी दर्ज की जा रही है. आइए हम आपको उन सभी राज्यों से रूबरू कराए चलते हैं, जहां लॉकडाउन की वजह से कोरोना के मामले में बड़ी गिरावट देखी जा रही है.

महाराष्ट्र

इस फेहरिस्त में सबसे पहले पायदान में महाराष्ट्र का नाम शामिल है. यहां शुरू से ही कोरोना का कहर अपने चरम पर रहा. पहली लहर के दौरान भी महाराष्ट्र कोरोना के कहर से बुरी तरह घायल हो गया था. वहीं, अब कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है, लेकिन इस बीच लॉकडाउन के दौरान हालात कुछ दुरूस्त होते हुए दिख रहे हैं. विगत 24 घंटे में यहां 37,236 मामले सामने आए हैं, जहां पहले यह आंकड़े 40 हजार के पार रहता था. वहां संक्रमण के मामलों में आई यह गिरावट यकीनन राहत का सबब है.

कर्नाटक की स्थिति

कर्नाटक की स्थिति भी पिछले दिनों काफी भयावह रही, मगर अब वहां तेजी से हालात दुरस्त होते जा रहे हैं. बीते 24 घंटे के दौरान वहां 32,188 मरीज दुरस्त हुए हैं.

लगाई जा रही है वैक्सीन

वहीं, कोरोना के कहर पर विराम लगाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से वैक्सीनेशन की प्रक्रिया भी जारी है, मगर वैक्सीन के अभाव में समाज का एक बड़ा तबका वैक्सीनेशन की प्रक्रिया से अछूता रह रहा है. ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं कि कल तक जो सरकार पर्य़ाप्त मात्रा में वैक्सीन की उपलब्धता की बातें किया करती थी, तो फिर वैक्सीन की कमी कैसे आ गई?  यकीनन, यह एक बड़ा सवाल है, मगर सरकार लगातार दावा कर रही है कि उनके पास वैक्सीन की कोई कमी नहीं है, लेकिन वर्तमान हालात इस दावे से परे नजर आ रहे हैं.

English Summary: Decreases in Corona virus cases

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