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मुख्यमंत्री ने बजट में खोला किसानों के लिए पिटारा


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बतौर वित्तमंत्री पहला बजट शुक्रवार को पेश किया. बजट में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई घोषणाएं की. छत्तीसगढ़ विधानसभा में पेश किए गए इस बजट को अगर आप लोकसभा का चुनावी बजट कहे तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी. मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि 'खेती और किसानी के काम को प्रदेश में लाभकारी और आजीविका के रूप में विकसित कर किसानों के जीवन में खुशहाली लाना हमारे सरकार का पहला संकल्प है. इसके लिए काम के साथ-साथ सरकार ने विभाग के नाम को भी सही पहचान देने का प्रयास किया है. इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार ने 'कृषि विभाग' का नाम बदलकर 'कृषि विकास एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग' करने का निर्णय लिया है.

किसानों के कल्याणकारी योजनाओं के लिए बजट 2019-20 में 21 हजार 597 करोड़ का कृषि बजट रखा गया है जो पिछले वर्ष के कृषि बजट के तुलना में डेढ़ गुना से भी अधिक है. गौरतलब है कि भूपेश बघेल सरकार ने विधानसभा चुनाव में किये गए एक और वादा को पूरा करते हुए बजट में बिजली बिल हाफ कर दिया है. उपभोक्ताओं के 400 यूनिट तक का बिजली बिल हाफ होगा. इसके लिए 400 करोड़ का प्रावधान किया गया है. बजट में खास बात यह है कि किसी नए कर का प्रावधान नहीं  किया गया है.

किसानों के कल्याणकारी योजनाओं के लिए बजट 2019-20 में 21 हजार 597 करोड़ का कृषि बजट रखा गया है जो पिछले वर्ष के कृषि बजट के तुलना में डेढ़ गुना से भी अधिक है. गौरतलब है कि भूपेश बघेल सरकार ने विधानसभा चुनाव में किये गए एक और वादा को पूरा करते हुए बजट में बिजली बिल हाफ कर दिया है. उपभोक्ताओं के 400 यूनिट तक का बिजली बिल हाफ होगा. इसके लिए 400 करोड़ का प्रावधान किया गया है. बजट में खास बात यह है कि किसी नए कर का प्रावधान नहीं  किया गया है.

किसानों के लिए बजट में क्या खास रहा

- सोयाबीन उत्पादन पर किसानों को प्रोत्साहन देने के लिए 10 करोड़ एवं गन्ना बोनस के लिए 50 करोड़ का प्रावधान  किया गया है.
- पशुपालन के माध्यम से आय वृद्धि के लिए डेयरी उद्यमिता विकास योजना में 15 करोड़, 12 लाख  मुर्गी  पालन के लिए, 21 करोड़  बकरी पालन हेतु 4 करोड़ 34 लाख तथा सूकर पालन के लिए 4 करोड़ 49 लाख के बजट का प्रावधान है.
- कृषि ऋण माफ करने के लिए 5 हजार करोड़ का प्रावधान.
- प्रदेश गरीब परिवारों को 35 किलो चावल देने के लिए 4 हजार करोड़ का प्रावधान.
- सरकार 2500 रुपए दर से धान खरीदेगी। इसके लिए 5 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है.
- व्यवसायिक बैंकों में बांटे गए 4 हजार करोड़ का अल्पकालीन कृषि ऋण माफ.
- किसानों का बकाया बिजली बिल हाफ हो जाएगा. जिसका सीधा लाभ 15 लाख किसानों को मिलेगा. 
- किसानों को 0% पर मिलेगा लोन.
- किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता.
- गन्ना किसानों को बोनस के लिए 50 करोड़ का प्रावधान.
- मक्का खरीदी की व्यवस्था को पुख्ता किया जाएगा.
- फसल बीमा योजना में बढ़ोतरी.
- गोबर गैस प्लांट के लिए हर गांव में 10 युवाओं को ट्रेनिंग.
- हर गांव में तीन एकड़ जमीन पर गौठान का निर्माण.
- कृषि विभाग का नाम बदलकर अब कृषि विकास एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग कर दिया गया है.
- कृषि ऋण की माफी के साथ-साथ किसानों को राहत देने के लिए 207 करोड़ का बकाया सिंचाई कर भी माफ करने का सरकार ने निर्णय लिया है जिससे 15 लाख किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा.




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