देश के किसानों खेती-बाड़ी बड़े पैमाने पर करते हैं और इस दौरान किसानों को खेती से जुड़े कार्यों को करने के लिए अच्छे कृषि यंत्रों की जरुरत होती है, ताकि कृषि से जुड़े कामों को झट से खत्म किया जा सकें, लेकिन ऐसे में किसानों को सामने सबसे बड़ी समस्या आती है कि महंगे कृषि यंत्रों की खरीद कैसे करें, तो इस समस्या का हल यहां पर है. कृषि विभाग किसानों को सरकारी योजना के तहत भारी अनुदान पर कृषि यंत्र प्रदान कर रहा है. ऐसे में अगर आप भी इस योजना का फायदा उठाना चाहते हैं, तो खबर को पूरा पढ़ें.
कृषि यंत्रों पर कितना मिलेगा अनुदान?
अगर आप बिहार के किसान है और कृषि यंत्र की खरीद करना चाहते हैं, तो राज्य सरकार द्वारा शुरु की गई वित्तीय वर्ष 2026-27 सब मिशन आन एग्रीकल्चरल मेकेनाइजेशन योजना के तहत किसान भाई 86 प्रकार की खेती से जुड़ी मशीनों की खरीद 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान पर आसानी से खरीद कर अपने खेती के कार्यों को आसान बना सकते हैं. साथ ही बता दें कि सरकार ने योजना की आवेदन प्रक्रिया को मंगलवार से ही शुरु कर दिया है, तो बिना देरी किए योजना में जल्द अप्लाई कर फायदा उठाएं.
किन कृषि यंत्रों पर मिलेगी सब्जिडी की छूट?
बिहार सरकार द्वारा शुरु की गई सब मिशन आन एग्रीकल्चरल मेकेनाइजेशन योजना किसानों के लिए किसी राहत से कम नहीं साथ ही सरकार इस योजना के तहत इन कृषि यंत्रों पर किसानों को अनुदान प्रदान कर रही है, जिनमें शामिल है- ट्रैक्टर, पावर ट्रेलर, कल्टीवेटर, हैप्पी सीडर, सीड ड्रिल, कंबाइन हार्वेस्टर, रीपर, मल्टीक्रॉप थ्रेसर और फसल अवशेष प्रबंधन के लिए मल्चर, श्रेडर, स्ट्रॉ रीपर तथा स्प्रे मशीन, पंपसेट व मोटर पंप पर भी राज्य सरकार सब्सिडी की छूट दे रही है.
कैसे करें योजना में आवेदन?
अगर आप इस सरकारी योजना में इच्छुक है, तो बता दें कि सरकार ने मंगलवार यानी की 8 सितंबर 2026 से आवेदन प्रक्रिया शुरु कर दी है और किसानों को इस सरकारी योजना के तहत 86 कृषि यंत्रों पर भारी अनुदान प्रदान किया जा रहा है. ऐसे में अगर आप इस सरकारी योजना में इच्छुक है, तो आप इस योजना में शामिल होने के लिए 'कृषि विभाग के फार्म मैकेनाइजेशन पोर्टल' https://farmech.bihar.gov.in/ पर जाकर आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते हैं.
क्या है चयन प्रक्रिया?
अगर आप 'कृषि विभाग के फार्म मैकेनाइजेशन योजना में आवेदन करने की सोच रहे हैं, तो इस बात को अच्छे से जान लें कि इस योजना में आवेदन के बाद लाभुकों का चयन लॉटरी से किया जाएगा और चयनित किसान को जारी परमिट की वैधता 15 दिनों की होगी. यानी की अगर किसान इन दिनों के भीतर कृषि यंत्र की खरीद नहीं करता है, तो उसकी परमिट की वैधता खत्म हो जाएंगी.
लेखक: रवीना सिंह
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