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बी. कॉम की पढ़ाई छोड़कर शुरू किया मधुमक्खी पालन, आज 15 लाख से ज्यादा की है कमाई

अकबर हुसैन
अकबर हुसैन

मधुमक्खी पालन

अगर जिंदगी में आगे बढ़ना है तो नए आइडिया पर काम करना होगा. अच्छी प्लानिंग और ट्रेनिंग के जरिए आप भी आपनी जिंदगी में बदलाव ला सकते हैं. वैसे भी कोरोना महामारी  (Corona epidemic) ने लोगों को बहुत कुछ सिखा दिया है. जो लोग अपने घर के आसपास रहकर ही कुछ करना चाहते हैं उनके लिए कई ऑपशन है. मधुमक्खी पालन कर शहद का बिजनेस करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है.

आपको जानकर हैरानी होगी कि कई लोग अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर इस बिजनेस में लग गए हैं और लाखों की कमाई कर रहे हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही युवक के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर मधुमक्खी पालन करने लगा और आज 15 लाख से भी ज्यादा की कमाई करता है.

हम बात कर रहे हैं पटना के रमेश रंजन की. जिन्होंने ना सिर्फ मधुमक्खी पालन का काम शुरू कर अपनी कमाई को बढ़ाया बल्कि आसपास के लोगों को भी रोजगार देने का काम किया है. इतना ही नहीं, इन्होंने ना जाने कितने लोगों को मधुमक्खी पालन के लिए आकर्षित भी किया. मधुमक्की पालन की खासियत ये है कि इसमें बहुत ज्यादा महनत की जरूरत नहीं है, अगर जमीन की बात करें तो इसका पालन बाग-बगीचों में करना उचित रहता है. इसकी वजह से जो बाग फल देने के बाद सालभर खाली पड़े रहते हैं उनका लाभ उठाने के लिए मधुमक्खी पालन का काम कर सकते हैं. इससे आपकी कमाई भी कई गुना बढ़ जाएगी.

अगर रमेश रंजन की बात करें तो ये बी. कॉम की पढ़ाई बीच में ही छोड़कर मधुमक्खी पालन का काम करने लगे और आज कम से कम 200 परिवारों के जीवन में मिठास घोल रहे हैं. रमेश  लीची, सरसो, जामुन आदि के फूलों से शहद तैयार करते हैं. इनके यहां तैयार किया गया शहद देशभर के कई राज्यों में जाता है. इनकी माने तो ये हर साल शहद के इस बिजनेस से 15 लाख रुपए से ज्यादा की कमाई कर लेते हैं. अगर को मुफ्त में मधुमक्खी पालन करना चहता है तो आप भी पटना जाकर रमेश से ट्रेनिंग ले सकता है. इतना ही नहीं, रमेश जिन लोगों को ट्रेनिंग देते हैं अगर वो चाहे तो काम शुरू करने के बाद इनको अपना शहद भी बेच सकते हैं.

मधुमक्खी पालन से कितनी होती है कमाई?

आपको बता दें कि रमेश ने केवल 5 बक्सों से मधुमक्खी पालन की शुरूआत की थी और आज इनका लाखों का टर्नऑवर है. इनका ये काम लगातार बढ़ता ही जा रहा है. आज रमेश के पास 700 से ज्यादा बक्से हैं और प्रति बक्से से औसतन 60 से 80 किलो शहद साल में हासिल कर लेत हैं. इस हिसाब से आप खुद ही जोड़ सकते हैं कि ये सालभर में कितना कमाते हैं. रमेश के मुताबकि सभी खर्च निकालकर इनको 15 से 20 लाख रुपए के बीच बड़े आराम से बच जाते हैं

कहां से लें मधुमक्खी पालन की ट्रेनिंग?

सरकारी कृषि संस्थानों में जाकर मधुमक्खी पालन की ट्रेनिंग ले सकते हैं.

उत्तर प्रदेश में भी कई जगह सरकार ने प्रशिक्षण केंद्र खोले हुए हैं, प्रदेश के 4 जिलों में मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण केन्द्र खोले हुए हैं. जहां लोगों को कोर्स के रूप में मधुमक्खी पालन की ट्रेनिंग दी जाती है, यानी सहारनपुर, मुरादाबाद, इलाहाबाद और बस्ती जिलों में इसके प्रशिक्षण केंद्र हैं.

English Summary: Big earning from honey bee farming and a success story.

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