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Dry flower technology: सूखे पत्ते देंगे रोजगार और कला को बढ़ावा, जानिए कैसे

कंचन मौर्य
कंचन मौर्य

बिहार कृषि विश्वविद्यालय (Bihar Agricultural University) कई नई तकनीकों को विकसित करता रहता है. इन तकनीकों के जरिए किसान और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को एक अच्छा रोजगार प्राप्त होता है. इस कड़ी में एक बार फिर बीएयू ने एक नई तकनीक विकसित की है. सूखे पत्तों से रोजगार और कला को बढ़ावा दिया जाएगा. बता दें कि इस तकनीक द्वारा पत्तों की मदद से पिक्चर, ग्रीटिंग कार्ड, कैलेंडर, वॉल हैगिंग, वॉल पिक्चर और गुलदस्ता बनाया जाएगा. यह लोगों के हुनर को निखारने का काम भी करेगा. इसको ड्राइ फ्लावर तकनीक (Dry flower technology) का नाम दिया गया है.

आपको बता दें कि बीएयू इस तकनीक पर शोध कर रहा है. इसमें लगभग 10 से ज्यादा छात्र-छात्राओं की मदद ली जा रही है, ताकि वे सभी आत्मनिर्भर बन पाएं. ड्राइ फ्लावर की तकनीक पर दिल्ली, लखनऊ, तमिलनाडु और कोलकाता में बड़े स्तर पर काम चल रहा है. खास बात है कि अमेरिका, अफ्रीका, इंग्लैंड समेत कई जगहों पर सूखे पत्तों को बेचने की तैयारी की जा रही है. इतना ही नहीं, इसको एयरपोर्ट, नर्सिंग होम, होटल और मल्टी नेशनल कंपनियां भी ऑडर करती हैं

इस तरह हो रहा फूल-पत्तियों पर शोध

बीएयू फूल, पत्ती, खरपतवार, शाखा, सूखी डालियों पर शोध कर रहा है. इस दौरान पत्तियों को हवा, माइक्रोवेब समेत कई चीजों में सूखाकर रखा जा रहा है, ताकि उसकी क्षमता देखी जा सके. इसके साथ ही प्राकृतिक रंग और उसके इस्तेमाल के तरीके पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है.  

तकनीक पर इतने सालों से हो रहा काम   

बीएयू में ड्राई फ्लावर की तकनीक पर साल 2015 से काम जारी है. बता दें कि जब इसमें पूरी तरह से सफलता मिल जाएगी, तो अधिकतर संख्या में लोगों को इससे जोड़ा जाएगा. इस तरह लोगों को घर बैठे एक नए रोजगार का अवसर प्राप्त होगा.

पीएम और सीएम की पेंटिंग हुई तैयार

खास बात है कि बीएयू में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की पेटिंग को काम किया गया है. इस पेटिंग को बनाने में 10 घंटे लगाए गए हैं. इसके अलावा राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पेटिंग बनाई गई है. इसकी खासियत है कि सूखे पत्तों से बनी किसी भी वस्तु को आप पहली नजर में पहचान नहीं पाएंगे.  

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English Summary: BAU will promote employment and arts under the driverless technology

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