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सभी फसलों की हो सकती है प्राकृतिक खेती

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लुपिन फाउण्डेशन द्वारा बीएस पब्लिक स्कूल सेवर में आयोजित किये जा रहे 6 दिवसीय डॉ. सुभाष पालेकर प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण शिविर का गुरुवार को समापन हुआ. समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिला कलक्टर डॉ. जोगाराम उपस्थित थे. अध्यक्षता सरसो अनुसंधान केन्द्र के निदेशक डॉ. पीके राय ने की. शिविर में शामिल होने वाले 16 राज्यों के करीब 6 हजार किसानों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह वितरित किये.

समापन समारोह में जिला कलक्टर डॉ. जोगराम ने कहा कि निरन्तर रासयनिक खादों एवं कीटनाशक दवाओं के उपयोग से कृषि उत्पाद इतने जहरीले हो गये हैं कि मानव स्वास्थ्य पर विपरित प्रभाव डाल रहे हैं यहां तक कि कई लाइलाज बीमारियाँ भी पैदा हो रही हैं. ऐसी स्थिति में प्राकृतिक खेती ही इसका एक मात्र विकल्प है. उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि प्रशिक्षण में दी गई जानकारी का उपयोग कर प्राकृतिक विधि से खेती शुरु करें जिसके उन्हें दूरगामी परिणाम प्राप्त होंगे. जिला कलक्टर ने कहा कि प्राकृतिक खेती के उत्पाद सामान्य के मुकाबले कई गुना अधिक मूल्य पर विक्रय होंगे जिससे उन्हें अधिक लाभ प्राप्त होगा.

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कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के रूप में गांधी प्रतिष्ठान के बसन्त ने कहा कि राजस्थान के किसानों के लिए प्राकृतिक कृषि यह प्रशिक्षण वरदान साबित होगा. प्रारम्भ में लुपिन के अधिशाषी निदेशक सीताराम गुप्ता ने कहा कि राज्य में पहली बार भरतपुर में आयोजित हो रहे इस शिविर का लाभ राजस्थान के अलावा अन्य 15 राज्यों के किसानों को भी मिला है. संस्था प्रयास करेंगी कि इसी प्रकार का शिविर आगामी वर्षों में आयोजित हो. इस अवसर पर लुपिन फाउण्डेशन के स्थापना दिवस उल्लेखनीय कार्य करने वाले 31 लोगों को प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया.



English Summary: All crops can be natural cultivated

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